Shani Jayanti par kya karna chahiye: हर साल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शनि का जन्म हुआ था। इस बार शनि जयंती का पर्व विशेष माना जा रहा है, क्योंकि यह शनिवार के दिन पड़ रहा है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि शनि जयंती पर क्या करना चाहिए, कौन से उपाय शुभ माने जाते हैं और किन बातों से बचना चाहिए। अगर आप भी शनि देव की कृपा पाना चाहते हैं, तो यहां जानिए इस दिन किए जाने वाले आसान लेकिन प्रभावी उपायों के बारे में।
शनि जयंती पर क्या करें और क्या नहीं - देखें पूरी जानकारी
सुबह जल्दी उठकर करें स्नान और संकल्प
शनि जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन तिल मिले पानी से स्नान भी करते हैं। स्नान के बाद साफ काले, नीले या गहरे रंग के वस्त्र पहनकर शनि देव की पूजा का संकल्प लिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन मन और व्यवहार दोनों में शांति रखना बहुत जरूरी होता है।
पीपल और शनि मंदिर में करें दीपक
शनि जयंती पर पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। कई लोग शाम के समय शनि मंदिर जाकर शनि देव को तेल अर्पित करते हैं। पूजा के दौरान “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करना भी अच्छा माना जाता है। कहा जाता है कि इससे शनि दोष और जीवन की बाधाएं कम होने लगती हैं।
जरूरतमंदों को करें दान
शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, इसलिए इस दिन दान का विशेष महत्व बताया गया है। काला तिल, उड़द दाल, काले कपड़े, सरसों का तेल, लोहे की वस्तुएं या छाता दान करना शुभ माना जाता है। अगर संभव हो तो गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन जरूर कराएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से किया गया दान शनि देव को प्रसन्न करता है।
हनुमान जी की पूजा भी मानी जाती है शुभ
शनि जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना भी बेहद लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी की भक्ति करने वालों पर शनि देव की कृपा बनी रहती है। यही वजह है कि कई लोग इस दिन शनि पूजा के साथ हनुमान मंदिर भी जाते हैं।
इन कामों से बचने की दी जाती है सलाह
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि जयंती के दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए। झूठ बोलना, गुस्सा करना, जानवरों को परेशान करना या किसी जरूरतमंद को खाली हाथ लौटाना अशुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन शराब और तामसिक भोजन से दूरी रखने की सलाह दी जाती है।
सिर्फ उपाय नहीं, व्यवहार भी है जरूरी
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना गया है। इसलिए सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि अच्छा व्यवहार और ईमानदारी भी जरूरी मानी जाती है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति मेहनत, अनुशासन और सच्चाई के रास्ते पर चलता है, उस पर शनि देव की कृपा बनी रहती है।
