शब ए मेराज इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है जो रजब महीने की 27वीं तारीख को मनाया जाता है। ये रात बेहद पाक मानी जाती है। इस दिन कई मुस्लिम लोग रोजा भी रखते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इसी रात में पैगंबर मोहम्मद साहब ने मक्का से येरुशलम की चालीस दिन की यात्रा को कुछ ही घंटों में तय कर लिया था और फिर सातों आसमानों की सैर करते हुए उनकी मुलाकात अल्लाहतआला से हुई थी। इसलिए इस रात में इस्लामिक लोग अल्लाह ही इबादत करते हैं और इस पर्व की एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। यहां आप देखेंगे शब-ए-मेराज के मैसेजेस।
Shab E Meraj 2025 Mubarak Wishes
तमन्ना आपकी सब पूरी हो जाए,
हो आपका मुकद्दर इतना रोशन की,आमीन कहने से पहले ही आपकी हर दुआ कबूल हो जाए।
शब-ए-मेराज मुबारक!
रहमतों की है ये रात,
नमाजों का रखना साथ,
मनवा लेना रब से हर बात,
और दुआओं में रखना याद.
शब-ए-मेराज मुबारक!
या अल्लाह इससे पहले कि ये दुनिया मुझे रुसवा कर दे,
तू मेरे जिस्म, मेरी रूह को अच्छा कर दे,
ये जो हालत है मेरी, मैंने बनाई है मगर,
जैसा तू चाहता है अब मुझे वैसा कर दे,
मेरे हर फैसले में तेरी रजा शामिल हो,
जो तेरा हुक्म हो, वो मेरा इरादा कर दे.
शब-ए-मेराज मुबारक 2025
किसकी है आमद आज,
आसमान के सर पर,
बहुत देर से चांद भी,
मुस्कुराए जा रहा है.
शब-ए-मेराज मुबारक 2025
किस्मत बदल जाएगी, जरा दिल से दुआ करो,
दुनिया भी हिल जाएगी, अगर दिल से दुआ करो,
दिन रात में एक लम्हा कबूलियत की घड़ी है,
मंजिल भी मिल जाएगी, अगर दिल से दुआ करो.
शब-ए-मेराज मुबारक 2025
समंदर को उसका किनारा मुबारक,
चांद को सितारा मुबारक,
फूलों को उसकी खुशबू मुबारक,
दिल को उसका दिलदार मुबारक,
शब-ए-मेराज मुबारक!
हर ख्वाहिश हो मंजूर-ए-खुदा,
मिले हर कदम पर रजा-ए-खुदा
फना हो लब्ज-ए-गम यही है दुआ,
बरसती रहे सदा रहमत-ए-खुदा
शब-ए-मेराज मुबारक!
इबादत से दिल को आबाद करना
और गुनाहों को दिल से आजाद करना
हमारी बस इतनी गुजारिश है
कि हमें भी दुआ में याद करना।
शब-ए-मेराज मुबारक!
