शब-ए-बारात की नमाज कब पढ़ें, जानिए नमाज और फातिहा पढ़ने का क्या है समय?

Shab E Barat Ki Namaz Kab Padhe: शब-ए-बारात उन पवित्र रातों में से है, जिनमें अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को माफ करता है। इस रात को अल्लाह की रहमत बरसती है। यह रात गुनाहों से तौबा करने और रब से दुआ मांगने का मौका होता है। इस रात की इबादत का अहम हिस्सा नफल की नमाज़ है। आइए जानते हैं यह इस रात नमाज़ कब पढ़नी चाहिए ?

Shab E Barat Ki Namaz Kab Padhe: शब-ए-बारात इस्लाम की उन मुक़द्दस रातों में से एक मानी जाती है, जब अल्लाह की रहमत और मगफिरत के दरवाज़े खुले रहते हैं। साल 2026 में यह रात 3 फरवरी को है। यह रात गुनाहों से तौबा करने, अपने रब के सामने झुकने और दिल से दुआ मांगने का खास मौका होती है।

शबे बारात की नमाज कब पढ़ें

शबे बारात की नमाज कब पढ़ें

इसी वजह से इस्लाम को मानने वाले इस रात नफिल नमाज़, कुरान की तिलावत और दुआ में वक्त गुज़ारते हैं। शबे बारात की इबादत का सबसे अहम हिस्सा नफिल नमाज़ है, जिसे ईशा के बाद से लेकर फजर से पहले तक पढ़ा जाता है। ऐसे में जानना ज़रूरी हो जाता है कि शबे बारात की नमाज़ कब पढ़नी चाहिएय़

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