Swapna Shastra: स्वप्न आना स्वभाविक प्रक्रिया है, शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे सपना न आता है। यह बात अलग है कि सुबह उठने के बाद कुछ लोगों को सपने याद रहते हैं और कुछ लोग उसे भूल जाते हैं। स्वप्न शास्त्र में माना जाता है कि हर अच्छे और बुरे सपने कुछ न कुछ मतलब होता है। सपने भविष्य का आईना होते हैं। इनका असर जीवन पर पड़ता है। इनमें से कुछ सपने जीवन में आने वाली खुशहाली की तरफ इशारा करते हैं तो कुछ भविष्य की बुरी घटनाओं की तरफ। स्वप्न शास्त्र माना जाता है कि सपने में कुछ विशेष चीजें देखने से घर में खुशहाली आती है और बरकत होती है। आइये जानते हैं कि, किस तरह के सपने देखना शुभ माना जाता है।
सपने में दिखें ये चीजें तो हो जाएं खुश, आने वाली है खुशखबरी
सफेद कुत्ता
सपने में अगर किसी को सफेद रंग का कुत्ता दिख जाते तो वह असमंजस में पड़ जाता है कि यह शुभ संकेत है या अशुभ। स्वप्न शास्त्र में सफेद रंग का कु्त्ता दिखना शुभ संकेत माना गया है। सपन में सफेद रंग का कुत्ता दिखना जीवन में अपने वाली खुशहाली और सकारात्मकता का प्रतीक है। इससे भविष्य में धन और संपत्ति के योग बनते हैं। साथ ही कारोबार में भी वृद्धि होती है।
उगता सूरज देखना
सपने में अगर उगता हुआ सूरज यानी सूर्योदय दिखे तो इस अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस तरह का सपना देखने वाले पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है। उसे अपार धन की प्राप्ति हो सकती है। यह सपना घर में बरकत लाने वाला माना जाता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार इस सपने को देखने के बाद सुबह जल्दी उठकर सूर्योदय के समय सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए।
घर में रंगोली बनते हुए देखना
स्वप्न शास्त्र में इस सपने को भी एक शुभ संकेत माना गया है। अगर आप सपने में रंगोली बनते हुए देखते हैं तो यह सपना घर में बरकत और खुशहाली लेने वाला हो सकता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, ऐसा सपना बहुत मुश्किल से किसी को दिखता है। अगर आपने ऐसा सपना देखा है तो आपको भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। इस सपने को देखने वाला अगर भगवान शिव की उपासना करे तो उसे शुभ फल मिलता है।
तीर्थ पर जाना
सपने में अगर खुद को तीर्थ यात्रा पर जाते हुए देखें तो यह आपके लिए शुभ हो सकता है। इस तरह का सपना आने का मतलब आप पर भगवान की कृपा है और आपकी कोई इच्छा जल्द पूरी हो सकती है। इसका जीवन पर भी काफी सकारात्मक असर पड़ता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
