Purnima August 2023: श्रावण मास की पूर्णिमा 1 अगस्त दिन मंगलवार को है। इसे श्रावणी पूर्णिमा (Shravana Purnima 2023 Date) और सावन पूर्णिमा (Sawan Purnima 2023 Kab Hai) के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव (Lord Shiva) और माता पार्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। पूर्णिमा (Purnima 2023) के दिन धार्मिक अनुष्ठान, गंगा स्नान और दीप दान करना बेहद शुभ माना जाता है। जानिए सावन की पहली पूर्णिमा (Sawan Ki Pehli Purnima) की पूजा का समय, विधि, कथा, उपाय और महत्व।
August Ki Purnima 2023 Kab Hai, Sawan Purnima 2023 Date And Time
पूर्णिमा तिथि अगस्त में कब है (Purnima Tithi August 2023)
अगस्त महीने में दो पूर्णिमा पड़ेंगी। पहली पूर्णिमा 1 अगस्त 2023, मंगलवार को पड़ रही है। ये पूर्णिमा तिथि 1 अगस्त 2023 को 03:51 AM से 2 अगस्त 12:01 AM तक रहेगी। वहीं अगस्त की दूसरी पूर्णिमा 31 तारीख को पड़ेगी। इस पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 अगस्त की सुबह 10:58 से होगी और समाप्ति 31 अगस्त की सुबह 07:05 पर होगी।
सावन पूर्णिमा 2023 पूजा समय (Sawan Purnima 2023 Puja Time)
- अमृत काल 10:26 ए एम से 11:50 ए एम तक
- अभिजित मुहूर्त 12:09 पी एम से 01:04 पी एम तक
- विजय मुहूर्त 02:54 पी एम से 03:49 पी एम तक
- गोधूलि मुहूर्त 07:29 पी एम से 07:50 पी एम तक
- सायाह्न सन्ध्या 07:29 पी एम से 08:31 पी एम तक
श्रावण पूर्णिमा पूजा विधि (Sawan Purnima Puja Vidhi)
- श्रावण पूर्णिमा की पूजा सुबह, शाम और रात किसी भी समय की जा सकती है।
- पूजा सामग्री के लिए बेल पत्र, धूप, दीपक, अगरबत्ती, फूल, चावल, मिठाई आदि चीजें एकत्र कर लें।
- इसके बाद सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें। फिर भगवान शिव और पार्वती की पूजा करें।
- पूजा के दौरान शिवलिंग को गंगाजल से स्नान कराएं।
- शिवलिंग का श्रृंगार करें और उस पर बेल पत्र चढ़ाएं। इसके बाद शिवलिंग पर दीपक, धूप, अगरबत्ती, फूल, चावल आदि चीजें चढ़ाएं।
- फिर भगवान शिव की आरती करें और उनके मंत्रों का जाप करें।
- अंत में पूजा का प्रसाद लोगों में जरूर बांटे।
सावन पूर्णिमा उपाय (Sawan Punrima Upay In Hindi)
भगवान शिव की पूजा: श्रावण पूर्णिमा पर शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाना शुभ माना जाता हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
गंगा स्नान: श्रावण पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
महामृत्युंजय मंत्र: इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।
दान करें: श्रावण पूर्णिमा के दिन दान करने से धन लाभ होता है।
दान-पुण्य- श्रावण पूर्णिमा पर दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे भगवान शिव की कृपा शीघ्र ही प्राप्त हो जाती है।
श्रावण पूर्णिमा व्रत का महत्व (Sawan Purnima Vrat Importance)
श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रत रखने से जातकों को कई लाभ प्राप्त होते हैं। माना जाता है कि जो व्यक्ति सावन पूर्णिमा का व्रत रख विधि-विधान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करता हैं उसकी सारे मनोकामना पूरी हो जाती हैं। इस व्रत को सभी पापों का नाश करने वाला व्रत माना जाता है। इस दिन व्रत रखने से बुद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है।
