Saptrishi Mandir Ayodhya: सप्तऋषि कौन हैं, अयोध्या में इनके मंदिर की क्या मान्यता है जहां प्रधानमंत्री मोदी ने किए दर्शन

Saptrishi Mandir Ayodhya: भारत की प्राचीन संस्कृति में ऋषि–परंपरा का विशेष स्थान रहा है। उन्हीं में सर्वोच्च स्थान पर हैं सप्तऋषि, जिन्हें ज्ञान, तपस्या और धर्म के सात प्रतीक माना जाता है। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर परिसर में सप्तऋषियों के मंदिर भी बनाए गए हैं। जहां अयोध्या दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने दर्शन किए हैं।

Saptrishi Mandir Ayodhya: हिंदू धर्मग्रंथों में सप्तऋषि यानी सात महान ऋषियों का समूह बताया गया है जिन्होंने वैदिक ज्ञान को संरक्षित रखते हुए मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। धार्मिक मान्यता है कि ये सातों ऋषि भगवान ब्रह्मा जी की संतान हैं। ये सभी ऋषि ज्ञान, तपस्या और धर्म के सात प्रतीक माने गए हैं। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के साथ बना सप्तऋषि मंदिर आज भी आध्यात्मिक गौरव का केंद्र है। आज राम मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले इन्हीं सप्तऋषियों के मंदिर का दर्शन किया। आइए जानते हैं कौन हैं सप्तऋषि और इनके मंदिर की मान्यता क्या है?

PM Modi in Ram Mandir

प्रधानमंत्री ने किए सप्तऋषि मंदिर के दर्शन

सप्तऋषि कौन हैं?

भारत की प्राचीन संस्कृति में ऋषि–परंपरा का विशेष स्थान हमेशा से रहा है। हिंदू धर्मग्रंथों में सप्तऋषि सात महान ऋषियों का समूह है। यह सभी ऋषि भगवान ब्रह्मा के ‘मानस पुत्र’ माने जाते हैं और ब्रह्मांड के अनंत ज्ञान को पृथ्वी वासियों तक पहुंचाने वाले आद्य गुरु माने जाते हैं। विभिन्न हिंदू धार्मिक ग्रंथों में ऋषियों के नामों में कुछ अंतर मिलता है, लेकिन सबसे सामान्य रूप से सप्तऋषियों के चर्चित नाम हैं -

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