Rangbhari Ekadashi 2024 (रंगभरी एकादशी 2024): हिंदू धर्म में रंगभरी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। कई जगहों पर इसे आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) भी कहते हैं। ये एकादशी हर साल फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। कहते हैं रंगभरी एकादशी के दिन ही भगवान शिव विवाह के बाद मां पार्वती को पहली बार काशी लेकर आए थे। ऐसे में इस दिन से ही काशी में होली पर्व शुरू हो जाता है जो पूरे 6 दिनों तक चलता है। इस एकादशी के दिन बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है। जानिए इस साल रंगभरी एकादशी कब मनाई जाएगी।
Rangbhari Ekadashi 2024 Date
रंगभरी एकादशी कब है 2024 (Rangbhari Ekadashi 2024 Date)
रंगभरी एकादशी इस साल 20 मार्च को मनाई जाएगी। इस एकादशी तिथि का प्रारंभ 19 मार्च की रात 9 बजकर 51 मिनट पर होगा और इसकी समाप्ति 20 मार्च की रात 11 बजकर 52 मिनट पर होगी। वहीं व्रत पारण समय 21 मार्च की सुबह 06 बजकर 28 मिनट से 08 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।
रंगभरी एकादशी पूजन विधि (Rangbhari Ekadashi Puja Vidhi)
रंगभरी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान कर पूजा का संकल्प लें। इसके बाद एक लोटे में जल भरकर शिव मंदिर में जाएं। इस दिन की पूजा में अबीर, गुलाल, बेलपत्र और चंदन जरूर शामिल करें। सबसे पहले शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं। फिर बेलपत्र और जल चढ़ाएं। इसके बाद सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा अर्चना करें।
रंगभरी एकादशी का आंवले से संबंध
कई जगहों पर रंगभरी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा भी की जाती है। दरअसल रंगभरी एकादशी का ये दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव का प्रिय माना जाता है। कहा जाता है जो कोई भी व्यक्ति इस दिन सही नियम के साथ व्रत- पूजन करता है। उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
