Ramnavami Ke Bhajan Lyrics (रामनवमी के भजन): राम नवमी पर सबसे ज्यादा महत्व राम जी के भजनों का होता है। इस दिन राम भक्त अपने अराध्य के भजनों में मग्न होकर धूमधाम से इस त्योहार को मनाते हैं। राम नवमी पर सबसे ज्यादा इन भजनों को सुना जाता है- राम आएंगे तो अंगना सजाउंगी, मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे राम आएंगे, सजा लो घर को गुलशन सा अवध में राम आए हैं, ये चमक ये दमक फुलवन में महक, सीता राम सीता राम सीताराम कहिये...यहां आप देखेंगे राम जी के सबसे लोकप्रिय भजनों की वीडियो।
Ramnavami Special Bhajan
रामनवमी के भजन (Ramnavami Ke Bhajan)
- राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी
- मेरी झोपड़े के भाग आज खुल जाएंगे
- भये प्रगट कृपाला दीन दयाला
- सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आए है भजन
- रामजी की निकली सवारी रामजी की लीला है न्यारी भजन
- ये चमक ये दमक
- राम जन्म बधाई गीत
- नगरी हो अयोध्या सी रघुकुल सा घराना हो
- रघुनंदन राघव राम हरे
- अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे
- जगत में कोई न परमानेंट
- राम जन्म सोहर गीत
- पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएँगे
- सीता राम सीता राम सीताराम कहिये
- ए पहुना एही मिथिले में रहु ना
- लिख दो म्हारे रोम रोम में राम राम हो रमापति
- राम का नाम लेकर जो मर जाएंगे वो अमर नाम दुनिया में कर जायेंगे भजन
- चित्रकूट के घाट घाट पर शबरी देखे बाट भजन
- राहों में फूल बिछाऊँगी जब राम मेरे घर आएंगे भजन
- राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे भजन
- राम का प्यारा हनुमान भजन
- सिया राम जी का डंका लंका में बजवा दिया बजरंग बाला ने
- कर लेना तुम भजन राम का भजन
- बोल कागा बोल मेरे राम कब आएंगे
- हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की भजन
- शबरी मगन है राम भजन में
- तू राम भजन कर प्राणी तेरी दो दिन की जिन्दगानी
- हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता
भये प्रगट कृपाला दीन दयाला(Bhaye Pragat Kripala Lyrics)
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी ।
हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥
लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा, निज आयुध भुजचारी ।
भूषन बनमाला, नयन बिसाला, सोभासिंधु खरारी ॥
कह दुइ कर जोरी, अस्तुति तोरी, केहि बिधि करूं अनंता ।
माया गुन ग्यानातीत अमाना, वेद पुरान भनंता ॥
करुना सुख सागर, सब गुन आगर, जेहि गावहिं श्रुति संता ।
सो मम हित लागी, जन अनुरागी, भयउ प्रगट श्रीकंता ॥
ब्रह्मांड निकाया, निर्मित माया, रोम रोम प्रति बेद कहै ।
मम उर सो बासी, यह उपहासी, सुनत धीर मति थिर न रहै ॥
उपजा जब ग्याना, प्रभु मुसुकाना, चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै ।
कहि कथा सुहाई, मातु बुझाई, जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै ॥
माता पुनि बोली, सो मति डोली, तजहु तात यह रूपा ।
कीजै सिसुलीला, अति प्रियसीला, यह सुख परम अनूपा ॥
सुनि बचन सुजाना, रोदन ठाना, होइ बालक सुरभूपा ।
यह चरित जे गावहिं, हरिपद पावहिं, ते न परहिं भवकूपा ॥
भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला, कौसल्या हितकारी ।
हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥
राम नवमी क्यों मनाई जाती है
हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार राम नवमी के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। इसलिए ही इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान राम की प्रतिमा को झूला झुलाने की भी परंपरा है।
