बड़ा चार धाम में एकमात्र ज्योतिर्लिंग मंदिर कौन- सा है? जानें रामेश्वरम के इस मंदिर की पौराणिक कहानी

Ramanathaswamy Jyotirlinga Rameswaram: रामेश्वरम, तमिलनाडु में स्थित, बड़ा चार धाम सर्किट का एकमात्र ज्योतिर्लिंग है। यह भगवान शिव को समर्पित है और रामायण से सीधे जुड़ा हुआ है। भक्त यहां 22 पवित्र कुओं में स्नान करते हैं, जो विभिन्न चिकित्सा गुणों से भरे होते हैं। रामेश्वरम का रामनाथस्वामी मंदिर शिव और विष्णु परंपराओं का मिलन स्थल है। यह स्थान शांति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है, और यात्रा के बाद भक्तों को मुक्ति का अनुभव होता है।

Ramanathaswamy Jyotirlinga Rameswaram: रामेश्वरम, जो तमिलनाडु में स्थित है, हिंदू धर्म के चार धामों में से एक है। इसे बड़ा चार धाम सर्किट में शामिल किया गया है, जिसमें बद्रीनाथ (उत्तराखंड), द्वारका (गुजरात), जगन्नाथ पुरी (उड़ीसा) और रामेश्वरम शामिल हैं। यह यात्रा हर हिंदू के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव मानी जाती है। इनमें से तीन मंदिर भगवान विष्णु या उनके अवतारों को समर्पित हैं, जबकि रामेश्वरम एकमात्र ऐसा मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है। यही कारण है कि रामेश्वरम का रामनाथस्वामी मंदिर न केवल एक महत्वपूर्ण धाम है, बल्कि यह चार धाम सर्किट में एकमात्र ज्योतिर्लिंग भी है।

रामानाथस्वामी मन्दिर, रामेश्वरम (pic credit: canva)

रामेश्वरम से जुड़ी पौराणिक कहानियां

रामेश्वरम की विशेषता यह है कि यह शिव और विष्णु की परंपराओं का मिलन स्थल है। प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, भगवान राम जो विष्णु के अवतार हैं, ने यहां शिव की पूजा की थी। कहा जाता है कि रावण को हराने के बाद, भगवान राम ने सीता के साथ लौटते समय युद्ध के पाप के प्रायश्चित के लिए शिव की पूजा की। उन्होंने हनुमान को हिमालय से एक लिंग लाने के लिए कहा, लेकिन जब वह समय पर नहीं आया, तो सीता ने समुद्र के किनारे से रेत का लिंग बना दिया। यह रामलिंगम आज ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है।

End of Feed