Ram Mandir Murti Photo: रामलला की मनमोहक मूर्ति को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध है। इस प्रतिमा को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि भगवान राम साक्षात दर्शन दे रहे हों। इसलिए इस बारे में खूब चर्चा हो रही है कि आखिर ये मूर्ति किसने बनाई है। बता दें ये मूर्ति अरुण योगीराज ने बनाई है। 37 वर्षीय अरुण कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज शिल्पी के बेटे हैं। बता दें इंडिया गेट पर अमर ज्योति स्थल के पीछे जो सुभाष चंद्र बोस की 30 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है उसे भी अरुण योगीराज ने ही बनाया है। जानिए अरुण योगीराज और उनके द्वारा निर्मित मूर्तियों के बारे में।
Ram Mandir Ram Lalla Murti
कौन हैं मूर्तिकार अरुण योगीराज? (Who Is Arun Yogiraj)
अरुण योगीराज कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले हैं। उनके पिता योगीराज शिल्पी भी एक बेहतरीन मूर्तिकार हैं। इतना ही नहीं उनके दादा बसवन्ना शिल्पी ने वाडियार घराने महलों में अपनी कला दिखाई थी। जानकारी अनुसार अरुण ने 2008 में मैसूर विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई की है। अरुण योगीराज ने रामलला की मूर्ति बनाने पर कहा कि वे दुनिया के सबसे भाग्यशाली इंसान हैं कि उन्हें ये मूर्ति बनाने का अवसर मिला।
शुरू से मूर्तिकार नहीं बनना चाहते थे अरुण योगीराज
शुरुआत में अरुण योगीराज मूर्तिकार नहीं बनना चाहते थे। इसलिए उन्होंने 2008 में एमबीए की पढ़ाई करने के बाद एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी की थी। हालांकि, उनके दादा ने कहा था कि अरुण एक मूर्तिकार बनेंगे और अंत में ऐसा ही हुआ। आज अरुण द्वारा बनाई गई रामलला की मूर्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है।
इससे पहले अरुण योगीराज ने सुभाष चंद्र बोस की 30 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई थी। इस प्रतिमा के लिए अरुण योगीराज की तारीफ खुद पीएम मोदी ने भी की थी। उनकी ये प्रतिमा इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति स्थल के पीछे भव्य छतरी के नीचे स्थापित की गई है।
देखें अरुण योगीराज द्वारा निर्मित सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर
इसके अलावा अरुण योगीराज ने केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की 12 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई थी जिसके बाद अरुण योगीराज चर्चा में आए थे।
अरुण योगीराज ने बनाई हैं कई मूर्तियां
अरुण योगीराज ने सिर्फ रामलला की ही मूर्ति नहीं बनाई है, बल्कि उन्होंने कई मूर्तियां बनाई हैं। लेकिन जो पहचान उन्हें रामलला की मूर्ति की वजह से मिली वो पहले कभी नहीं मिली थी। आज हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है।
रामलला की मूर्ति के लिए आज हर जगह अरुण की तारीफ हो रही है।
शायद ही ऐसा कोई देवी-देवता होगा, जिसकी मूर्ति अरुण योगीराज ने बनाई हो।
अरुण योगीराज की कलाकृतियां कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक नजर आती हैं।
दिल्ली से लेकर केदारनाथ तक अरुण द्वारा गढ़ी मूर्तियों को दुनिया देखती है।
अरुण योगीराज की कलात्मकता हर दिन निखर रही है। उनकी बनाई मूर्तियों को दुनियाभर में पहचान मिल रही है।
अरुण योगीराज ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी बनाई है।
श्याम शिला पत्थर से बनाई रामलला की मूर्ति
अरुण योगीराज ने रामलला की मूर्ति का निर्माण श्याम शिला पत्थर से किया है। रामलला की मूर्ति की ऊंचाई 4.24 फीट है। मूर्ति का वजन 200 किलोग्राम है। मूर्ति में भगवान विष्णु के 10 अवतारों को भी तराशा गया है। अरुण योगीराज ने रामलला की ऐसी छवि उकेरी है, जो जीवंत लग रही है।
