Radha Kund Snan 2023 Date And Time: अहोई अष्टमी राधा कुंड स्नान इस बार 5 नवंबर को है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार जो निसंतान दंपत्ति अहोई अष्टमी के दिन व्रत रखकर राधा कुंड में स्नान करता है उसे संतान की प्राप्ति जरूर होती है। अहोई अष्टमी के दिन आधी रात से राधा कुंड में स्नान शुरू हो जाता है और यह पूरी रात जारी रहता है। स्नान के बाद लोग राधा कुंड पर कच्चा सफेद कद्दू चढ़ाते हैं। देवी को चढ़ाए जाने वाले इस प्रसाद को कुष्मांडा कहा जाता है। जानिए राधा कुंड स्नान का मुहूर्त, महत्व और नियम।
Radha Kund Snan 2023 Date, Time, Mahatva And Importance In Hindi
Radha Kund Snan 2023 Date And Time (राधा कुंड स्नान तिथि और मुहूर्त)
जिन विवाहित स्त्रियों को संतान प्राप्ति में समस्या आ रही है, उन्हें अहोई अष्टमी के दिन राधा कुंड में स्नान जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को संतान प्राप्ति में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। इस बार अहोई अष्टमी पर राधा कुंड में स्नान करने का मुहूर्त 5 नवंबर को 11:37 PM से 6 नवंबर को 12:29 AM तक रहेगा।
Radha Kund Snan Niyam (राधा कुण्ड में स्नान करने के नियम)
- राधा कुंड में पति पत्नी दोनों को साथ में स्नान करना होता है।
- संतान प्राप्ति के लिए किए जाने वाले स्नान के लिए मध्यरात्रि का समय सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
- राधा कुंड में पति-पत्नी को मध्य रात्रि के समय एक साथ डुबकी लगानी होती है।
- राधा कुंड में स्नान करने के बाद कृष्ण कुंड में भी स्नान करना आवश्यक है।
- कुंड में स्नान के बाद सफेद कद्दू या पेठे का भोग लगाना अनिवार्य होता है।
- ध्यान रहे कि कुंड में स्नान करते समय साबुन या शैंपू का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- स्नान के बाद तौलिया से शरीर साफ नहीं करना है।
- स्नान के बाद दान जरूर करना चाहिए।
Radha Kund Snan Mahatva (अहोई अष्टमी के दिन राधा कुंड स्नान का महत्व)
अहोई अष्टमी के दिन राधा कुंड में डुबकी लगाना बेहद फलदायी माना जाता है। जिन जोड़ों को संतान प्राप्ति में समस्या आ रही है अगर वो अहोई अष्टमी के दिन राधा कुंड के पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं तो उन्हें संतान सुख अवश्य प्राप्त होता है। इसी मान्यता के चलते हर साल हजारों लोग मध्य रात्रि में राधा कुंड में डुबकी लगाते हैं।
