Premanand Ji Maharaj Darshan Time (18 April 2026): वृंदावन की पवित्र भूमि पर हर दिन भक्ति का अद्भुत माहौल रहता है, लेकिन जब बात प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन की हो, तो श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह चरम पर होता है। अगर आप कल 18 अप्रैल 2026, शनिवार को महाराज जी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यहां आपको पहले ही पूरी जानकारी लेनी चाहिए। क्योंकि वीकेंड होने के कारण वहां भक्तों की भीड़ काफी बढ़ जाती है। आगे जानें दर्शन का पूरा शेड्यूल, सही समय और स्थान की सटीक जानकारी। जिससे आपका दर्शन अनुभव सहज और सफल हो सके।
प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन का समय और स्थान
सुबह का समय होता है भक्ति और शांति का संगम
वृंदावन स्थित श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में सुबह का वातावरण अत्यंत दिव्य और शांतिपूर्ण होता है। इस दौरान भजन, आरती और सत्संग से पूरा परिसर भक्तिमय हो जाता है।
सुबह का पूरा शेड्यूल
- 04:15 AM – 05:45 AM: दैनिक सत्संग (महाराज जी के उपदेश)
- 05:45 AM – 06:30 AM: मंगला आरती एवं वन विहार
- 06:30 AM – 08:00 AM: श्री राधा सुधा निधि पाठ
- 07:00 AM – 08:00 AM: एकांतिक वार्तालाप (सीमित श्रद्धालुओं के लिए)
- 08:15 AM – 09:00 AM: श्रृंगार आरती एवं भक्त नामावली
- 09:00 AM – 09:30 AM: राधा नाम संकीर्तन
सुबह 07:00 से 10:00 बजे के बीच आश्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी अधिक होती है, इसलिए समय से पहले ही पहुंचना बेहतर रहेगा। इससे आप दर्शन में किसी भी तरह की असुविधा से निपट सकते हैं।
कहां होते हैं प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन?
अब प्रेमानंद जी महाराज पारंपरिक वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर नहीं निकलते हैं। वह आजकल इसके स्थान पर सौरभि कुंड की ओर जाते हुए रास्ते में ही भक्तों के सामने आते हैं। 18 अप्रैल 2026 को यदि आप सुबह दर्शन करना चाहते हैं, तो आपको लगभग 06:00 से 07:00 बजे के बीच केलि कुंज आश्रम और सौरभि कुंड के बीच मार्ग पर होना चाहिए। इस समय महाराज जी केलि कुंज आश्रम से वाहन द्वारा निकलते हैं और सौरभि कुंड की ओर जाते हुए कुछ दूरी पैदल चलते हैं, जहां भक्तों को दर्शन का सौभाग्य मिलता है।
सुकून और भक्ति से भरा है शाम का शेड्यूल
केलि कुंज आश्रम में शाम के समय एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। दिनभर की थकान के बाद भक्त यहां आकर शांति और सुकून पाते हैं। यदि आप कल सुबह जाकर वृंदावन में रात्रि विश्राम करना चाहते हैं, तो आपको शाम के समय केलि कुंज आश्रम जरूर जाना चाहिए।
- 04:00 PM – 04:15 PM: धूप आरती
- 04:15 PM – 05:15 PM: वाणी पाठ
- 05:15 PM – 05:45 PM: सत्संग एवं चर्चा
- 05:45 PM – 06:00 PM: संध्या आरती
18 अप्रैल 2026 को प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम रहेगा। लेख में दी गई सही समय और स्थान की जानकारी के साथ आप अपने दर्शन को अधिक सहज और आध्यात्मिक बना सकते हैं। वृंदावन की इस पावन यात्रा में भक्ति, शांति और आनंद का अद्भुत अनुभव आपका इंतजार कर रहा है।
