Premanand Ji Maharaj Darshan Time (12 April 2026): के दर्शन के लिए वृंदावन में हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। अगर आप 12 अप्रैल 2026, रविवार को महाराज जी के दर्शन और परिक्रमा का लाभ लेना चाहते हैं, तो पहले से समय सारिणी जान लेना बेहद जरूरी है। यहां जानिए उस दिन का संभावित पूरा शेड्यूल, जिससे आपका दर्शन अनुभव सहज और सुखद बन सके। आइए जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन का समय और स्थान?
प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन का समय
सुबह का दिव्य आरंभ- ब्रह्म मुहूर्त से भक्ति की शुरुआत
रविवार होने के कारण भक्तों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। आश्रम में दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से ही हो जाती है।
- 04:15 AM – 05:45 AM: दैनिक सत्संग (महाराज जी के प्रवचन)
- 05:45 AM – 06:30 AM: मंगला आरती एवं वन विहार
- 06:30 AM – 08:00 AM: श्री राधा सुधा निधि पाठ
- 07:00 AM – 08:00 AM: एकांतिक वार्तालाप (सीमित श्रद्धालुओं के लिए)
- 08:15 AM – 09:00 AM: श्रृंगार आरती एवं भक्त नामावली
- 09:00 AM – 09:30 AM: राधा नाम संकीर्तन
सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक श्री हित राधा केलि कुंज में महाराज जी के दर्शन का प्रमुख समय माना जाता है।
शाम के समय आश्रम में होता है भक्ति और शांति का संगम
रविवार की शाम को आश्रम में विशेष भक्तिमय वातावरण देखने को मिलता है। खास बात यह है कि भक्त बड़ी संख्या में रात 01:00 बजे से ही पहुंचना शुरू कर देते हैं, क्योंकि रविवार को भीड़ अधिक रहती है।
- 04:00 PM – 04:15 PM: धूप आरती
- 04:15 PM – 05:15 PM: वाणी पाठ
- 05:15 PM – 05:45 PM: सत्संग एवं चर्चा
- 05:45 PM – 06:00 PM: संध्या आरती
क्या 12 अप्रैल को प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन होंगे?
अगर आप 12 अप्रैल 2026 रविवार को प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि अब दर्शन की व्यवस्था पहले जैसी नहीं रही है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार महाराज जी अब पारंपरिक वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर नहीं आते हैं। इसके स्थान पर वे सौरभि कुंड होते हुए वन क्षेत्र की ओर जाते समय मार्ग में ही श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। वह इस मार्ग पर सुबह 6 से 7 बजे के बीच पहुंचते हैं।
हालांकि दर्शन के लिए भक्त रात में ही भारी संख्या में वहां पहुंच जाते हैं। इसके साथ ही शनिवार और रविवार जैसे दिनों में संख्या और ज्यादा हो जाती है। सौरभि वन की दूरी केलि कुंज आश्रम से करीब 1 किलोमीटर है। जिसमें कुछ दूर पैदल चलते हुए महाराज दी लोगों से मिलते हैं।
नोट - प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के लिए का उनका स्वास्थ्य और प्रशासनिक दिशा-निर्देश सर्वोपरि होते हैं। इसलिए दर्शन के समय और स्थान में अंतिम समय पर बदलाव संभव है। दर्शन के लिए निकलने से पहले आश्रम के सूचना पटल और सेवादारों से ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
