प्रवचन: तिलक क्यों लगाना चाहिए? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने बताये इसके फायदे

Tilak Kyu Lagana Chahiye: सनातन धर्म में तिलक लगाने का खास धार्मिक महत्व माना जाता है। कोई रोजाना तिलक लगाता है तो कोई शुभ अवसरों या फिर विशेष धार्मिक अनु्ष्ठान के समय अपने माथे पर तिलक लगाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में तिलक लगाने का महत्व क्या है। इस बारे में अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने विस्तार से बताया है।

Tilak Kyu Lagana Chahiye: हिंदू धर्म में तिलक लगाना एक परंपरा ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी इसका विशेष महत्व है। तिलक को माथे के मध्य भाग पर लगाया जाता है, जिसे 'आज्ञा चक्र' या 'तीसरी आंख' कहा जाता है। शास्त्रों में यह स्थान ध्यान और आत्मज्ञान का केंद्र माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से देखें तो तिलक लगाना व्यक्ति को ईश्वर से जोड़ने और उनकी उपस्थिति का स्मरण कराने का एक माध्यम है। इसलिए हर पूजा-पाठ में तिलक जरूर लगाया जाता है। अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने भी अपने एक प्रवचन के दौरान तिलक लगाने के महत्व को विस्तार से समझाया है।

Tilak Kyu Lagana Chahiye

तिलक क्यों लगाना चाहिए?

अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने एक कथा के दौरान बताया कि तिलक लगाने का धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी है। साइंस ये मानता है कि हमारा शरीर दो भागों में विभाजित है। इसलिए जब लकवा आता है तो वो एक अंग को मारता है। इसका मतलब है कि शरीर दो भागों में बता है। मस्तक हमारा शरीर को दो भागों में बाटता है लेकिन हम जब तिलक लगाते हैं तो ये दोनों भागों को मिलाने का काम करता है। जिन लोगों के माथे पर तिलक होता है उनका मन उन लोगों से ज्यादा शांत होता है जो कभी तिलक नहीं लगाते हैं।

End of Feed