क्या बेटियां श्राद्ध कर सकती हैं? क्या लड़कियां तर्पण कर सकती हैं? शास्त्रों से जानें इन सवालों के जवाब

Pitru Paksha 2025: श्राद्ध एक वैदिक कर्मकांड है जो पितरों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है। परंपरागत रूप से, भारतीय समाज में ये घर के बेटे ही करते हैं। लेकिन अब सवाल ये है कि क्या बेटियां श्राद्ध कर सकती हैं? क्या लड़कियां तर्पण कर सकती हैं?

Pitru Paksha 2025: आमतौर पर तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि कार्य घर के पुरुष ही करते हैं। लेकिन, ऐसे किसी पूर्वज का श्राद्ध कैसे हो, जिसके पुत्र ही न रहा हो? ऐसे में मन में सवाल आता है कि क्या महिलाएं श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान कर सकती हैं या नहीं? अब पितृपक्ष चल रहा है। ऐसे में तो आपको यहां से सभी जरूरी सवालों के जवाब मिलेंगे।

क्या बेटियां श्राद्ध कर सकती हैं? (pic credit: iStock)

कौन करते हैं श्राद्ध और तर्पण?

अगर परिवार में किसी की मृत्यु होती है तो पुत्र को श्राद्ध और तर्पण का अधिकार होता है। वहीं, अगर किसी पिता के एक से अधिक बेटे हैं तो फिर बड़े बेटे को ही अंतिम संस्कार करना चाहिए। लेकिन अगर कोई बेटा नहीं हो तो पोता, प्रपौत्र, भतीजा, पिता, बहु, बहन भी श्राद्ध कर सकते हैं।

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