Pitru Paksha Puja Vidhi In Hindi: घर पर कैसे करें श्राद्ध? यहां जानिए तर्पण विधि, मंत्र, सामग्री लिस्ट, मुहूर्त सबकुछ

Pitru Paksha Puja Vidhi In Hindi: कहते हैं पितृ पक्ष में विधि विधान श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में हम आपको बताएंगे पितरों का श्राद्ध या तर्पण करने की सरल विधि क्या है और इस पूजा में क्या-क्या सामग्री लगेगी।

Pitru Paksha Puja Vidhi In Hindi (पितृ पक्ष श्राद्ध विधि मंत्र सहित pdf): सनातन धर्म में पितृ पक्ष का हमेशा से ही खास महत्व रहा है। कहते हैं इस दौरान पितरों की शांति के लिए किए गए उपाय बेहद लाभकारी साबित होते हैं। इसलिए हर कोई पितृ पक्ष में अपने पितरों का श्राद्ध तर्पण जरूर करता है। जिससे उनकी विशेष कृपा प्राप्त की जा सके। कहते हैं जिस किसी पर उसके पूर्वजों की शुभ दृष्टि रहती है उसके जीवन में कभी कोई दिक्कत नहीं आती। बता दें पितृ पक्ष का प्रारंभ भाद्रपद पूर्णिमा से होता है और समापन आश्विन अमावस्या के दिन होता है। इस साल श्राद्ध पक्ष 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक रहेगा। पंडित सुजीत जी महाराज से जानिए पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने की सरल विधि क्या है।

Pitru Paksha Puja Vidhi In Hindi

Pitru Paksha 2024 Puja Vidhi At Home In Hindi

पितृ पक्ष श्राद्ध पूजा विधि (Pitru Paksha Shradh Puja Vidhi At Home In Hindi)

  • श्राद्ध सूर्योदय से लेकर दोपहर 12:30 की अवधि के बीच में करना सबसे शुभ माना जाता है।
  • श्राद्ध करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके अपने बाएं पैर को मोड़कर बाएं घुटनों को जमीन पर टिका कर बैठ जाएं।
  • फिर एक तांबे के चौड़े बर्तन में काले तिल, गाय का कच्चा दूध और थोड़ा गंगाजल डालें।
  • इसके बाद साफ जल को अपने दोनों हाथों में भरकर सीधे हाथ के अंगूठे से छूआते हुए उसी तांबे के बर्तन में गिराएं। ऐसा 11 बार करें। इस प्रक्रिया को तर्पण कहा जाता है।
  • इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पितरों के निमित्त अग्नि में गाय के दूध से बनी खीर जरूर चढ़ाएं।
  • पितरों के लिए भोजन तैयार करें। ध्यान रहे इसमें प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं करना है।
  • फिर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके कुश, जौ, तिल, चावल और जल लेकर संकल्प लें और फिर एक या तीन ब्राह्मणों को सच्चे मन से भोजन कराएं।
  • श्राद्ध के भोजन का सेवन करने के लिए श्रेष्ठ ब्राह्मण को घर पर बुलाएं। सबसे पहले ब्राह्मण के पैर धोएं। इसके बाद ब्राह्मणों से आशीर्वाद लें।
  • ध्यान रखें कि ब्राह्मण को भोजन कराने से पहले गाय, कुत्ते, कौवे, देवता और चींटी के लिए भोजन जरूर निकालें।
  • भोजन कराने के बाद भूमि, वस्त्र, अनाज, तिल, स्वर्ण, घी, गुड, चांदी या फिर नमक का दान जरूर करें। आप चाहें को इनमें से किन्हीं दो या तीन चीजों का दान भी कर सकते हैं।
  • इस बात का ध्यान रखें कि श्राद्ध पूजा में हमेशा सफेद फूलों का ही इस्तेमाल किया जाता है।

पितृ तर्पण विधि (Pitru Tarpan Vidhi)

  • तर्पण करने के लिए एक परात ले लें।
  • उसमें शुद्ध जल डालें। इसके बाद थोड़े काले तिल और दूध भी इसमें डाल दें।
  • फिर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके बैठ जाएं और परात अपने सामने रख लें और एक अन्य खाली पात्र भी अपने पास में रखें।
  • इसके बाद अपने दोनों हाथों के अंगूठे और तर्जनी उंगली में दूर्वा यानी कुश लेकर अंजलि बना लें। इसका मतलब है कि दोनों हाथों को मिलाकर उसमें जल भर लें।
  • फिर अंजलि में भरा हुआ जल जो खाली पात्र है उसमें डाल लें।
  • कम से कम तीन बार अंजलि से तर्पण करें।

पितृ पक्ष श्राद्ध मंत्र (Pitru Paksha Shradh Mantra)

  • ओम पितृ देवतायै नम:
  • ओम पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्।

पितृ पक्ष श्राद्ध सामग्री (Pitru Paksha Shradh Samagri)

सिंदूर, कपूर, जनेऊ, हल्दी, रक्षा सूत्र, काला तिल, घी, शहद, रोली, सुपारी, जौ, गुड़, दीया, अगरबत्ती, तुलसी और पान के पत्ते, सफेद फूल, उड़द दाल, मूंग और ईख, कुशा, दही, गंगाजल, केला, धुर्वा, गाय का कच्चा दूध आदि चीजें।

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