पितृ दोष (Pitru Dosh) का नाम सुनते ही लोगों के मन में एक अजीब सा डर छा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दोष व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करने वाला माना जाता है। अगर इससे जुड़े उपाय न किए जाएं तो व्यक्ति को आर्थिक हानि से लेकर शारीरिक पीड़ा तक झेलनी पड़ सकती है। बता दें इस कष्टदायी योग का मेष राशि में निर्माण हुआ है। दरअसल 14 अप्रैल को मेष राशि में सूर्य ने प्रवेश किया था जहां पहले से ही राहु विराजमान था। ऐसे में सूर्य और राहु की युति से खतरनाक पितृ दोष का निर्णाण हो गया है। जानिए किन 3 राशियों के लिए ये योग सबसे भारी रहेगा और किन उपायों से राहत मिलेगी।
पितृ दोष योग 14 मई 2023 तक 3 राशियों को करेगा परेशान
पितृ दोष के साये से ये 3 राशियां रहें सावधान
कन्या राशि
कन्या राशि वालों को लिए ये पितृ दोष कष्टदायी साबित हो सकता है। खानपान के प्रति सजग रहना होगा नहीं तो स्वास्थ्य बिगड़ जाएगा। जंक फूल खाने से परहेज करें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें क्योंकि दुर्घटना होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रेम जीवन में परेशानी आ सकती है। धन हानि के भी आसार रहेंगे। कुल मिलाकर ये समय सतर्क रहने का है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों को पितृ दोष गले से संबंधित समस्याएं दे सकता है। आपको अपने साथ-साथ अपनी माता की सेहत का भी ख्याल रखना होगा। यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो हो सकता है कि फैसला आपके पक्ष में न आए। अचानक से खर्चों में वृद्धि देखने को मिल सकती है जिससे आपका बजट हिल सकता है। आर्थिक हानि के आसार हैं। इस अवधि में कोई भी नया काम शुरू करने या कोई भी बड़ा निवेश करने से बचें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों को पितृ दोष कई प्रकार की मुश्किलें दे सकता है। इसके फलस्वरूप आपको छाती में जलन महसूस हो सकती है। जो लोग उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसी बीमारियों से ग्रसित हैं उन्हें अत्यधिक सावधान रहने की जरूरत है। आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। धन हानि होने के योग हैं। प्रेम जीवन में दिक्कत महसूस हो सकती है।
कुंडली में पितृ दोष योग से बचने के उपाय
जिस व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष होता है उन्हें घर की दक्षिण दिशा में पितरों की फोटो लगानी चाहिए और नियमित रूप से माला चढ़ाकर उनका नमन करना चाहिए।इसके साथ ही पितरों की मृत्यु तिथि पर कम ले लम 21 ब्राह्मणों को घर बुलाकर भोजन कराना चाहिए। इसके अलावा हर माह में आने वाली चतुर्दशी को पीपल के वृक्ष पर दूध चढ़ाना चाहिए।
