Parsi New Year 2025 Date, Time And Importance (Nowruz 2025): नवरोज सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर भी है। यूनेस्को ने इसे सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा दिया है। इस दिन की तैयारी में लोग अपने घर को साफ करते हैं, जिसे 'खानेह टेकानी' कहा जाता है। इसके बाद कई तरह के रीति-रिवाज के साथ इस त्योहार को मनाया जाता है। बात करें नवरोज की तो ये दो पारसी शब्द नव और रोज से बना है, जिसका अर्थ है नया दिन। इस दिन के साथ ही पारसी नववर्ष की शुरुआत हो जाती है।
नवरोज क्यों है खास?
नवरोज का मतलब है नया दिन। ये नए साल का आरंभ है और ये वही समय है जब दिन और रात की लंबाई बराबर होती है। नवरोज को खासतौर से ईरान, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान, अजरबैजान और मध्य एशिया में मनाया जाता है।
नवरोज की तिथि और समय
नवरोज 2025, गुरुवार 20 मार्च को सुबह 5 बजकर 1 मिनट पर शुरू हुआ और ये 20 मार्च के ही दोपहर 2 बजकर 31 मिनट तक मनाया गया। बता दें कि नवरोज 13 दिनों तक चलता है, जिसमें खेल, संगीत और डांल भी किया जाता है।
कैसे मनाया जाता है नवरोज का त्योहार-
नवरोज से पहले तो घर की साफ-सफाई की जाती है। वहीं, नवरोज को मनाने के कई तरह के रीति-रिवाज हैं। मुख्य परंपरा है हफ्त सिन टेबल की स्थापना। असल में इस दिन एक टेबल पर सात वस्तुएं रख दी जाती हैं, जो फारसी अक्षर S से शुरू होती हैं और हर वस्तु का अपना अर्थ होता है। ये नए साल में खुशहाली, समृद्धि, स्वास्थ्य और प्रेम की आशा करती हैं।
नवरोज के हफ्त सिन टेबल पर रखी जाने वाली वस्तु-
सेब- स्वास्थ्य और सुंदरता
सरसों का तेल- स्वास्थ्य और समृद्धि
पानी- उम्रदराजी और बुद्धिमत्ता
दही- ताकत और समृद्धि
सौंफ- प्यार और देखभाल
अखरोट- संघर्ष और धैर्य
प्याले में पानी और सोने की मछली- जीवन और समृद्धि
इसके अलावा इस दिन को लोग मिठाइयां खाकर और तरह-तरह के पकवान बनाकर भी सेलिब्रेट करते हैं। साथ ही एक-दूसरे को गिफ्ट देने की भी परंपरा है।
