ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: जहां माता पार्वती के साथ चौसर खेलने आते हैं भोलेनाथ, क्यों है इतनी बड़ी मान्यता

Omkareshwar Jyotirlinga: मध्य प्रदेश में एक ऐसा ज्योतिर्लिंग है जिसकी मान्यता है कि यहां आज भी भगवान शिव और माता पार्वती चौसर खेलने और विश्राम करने आते हैं। तभी यहां की शयन आरती कोई नहीं देख सकता है। यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के पास है जो अपनी दिशा से विपरीत बहती है।

Omkareshwar Jyotirlinga: गंगा से भी ज्यादा पावन नदी नर्मदा, इसके किनारे से सटा ओंकार पर्वत और इस पर्वत पर निवास करते एकलिंगनाथ यानी महादेव। सचमुच यह स्थान देवताओं का निवास स्थान है। यहां नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर दो प्रमुख मंदिर हैं ओंकारेश्वर और ममलेश्वर। यहां दोनों ज्योतिर्लिंग मिलकर एक होते हैं और कहलाते हैं ओंकारममलेश्वर। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में इसका स्थान चौथा है।

Omkareshwar Jyotirlinga

Omkareshwar Jyotirlinga (Photos: www.shriomkareshwar.org)

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महत्व

कहते हैं पूरी पृथ्वी का यह एकमात्र ज्योतिर्लिंग है, जहां हर रात को सोने के लिए महादेव और माता पार्वती आते हैं और साथ ही यहां चौसर भी खेलते हैं।

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