Navratri Saraswati Avahan 2023 Date And Muhurat: नवरात्रि सरस्वती पूजा का शुभारंभ इस बार 20 अक्टूबर से हो रहा है जिसकी समाप्ति 22 अक्टूबर को होगी। 20 अक्टूबर को सरस्वती आह्वान, 21 अक्टूबर को सरस्वती पूजा और 22 अक्टूबर को सरस्वती विसर्जन किया जाएगा। मुख्य रूप से ये पूजा भारत के दक्षिणी इलाकों में की जाती है। मान्यता है सरस्वती पूजा से ज्ञान में बढ़ोतरी होती है जिससे हर काम में सफलता मिलती है। जानिए सरस्वती पूजा की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व (Navratri Saraswati Puja 2023 Kab Hai)।
Navratri Saraswati Avahan 2023 Date And Time
Navratri Saraswati Puja 2023 Date And Time (नवरात्रि सरस्वती पूजा 2023 तिथि व मुहूर्त)
| सरस्वती पूजा अनुष्ठान | तारीख | दिन | नक्षत्र | मुहूर्त |
| सरस्वती आह्वान | 20 अक्टूबर 2023 | शुक्रवार | मूल नक्षत्र | 06:25 AM से 08:52 AM |
| सरस्वती पूजा | 21 अक्टूबर 2023 | शनिवार | पूर्वाषाढ़ा | 06:25 AM से 08:17 AM |
| सरस्वती विसर्जन | 22 अक्टूबर 2023 | रविवार | श्रवण नक्षत्र | 06:44 PM से 12:21 AM, अक्टूबर 23 |
| सरस्वती बलिदान | 22 अक्टूबर 2023 | रविवार | उत्तराषाढ़ा | 06:26 AM से 07:19 AM |
सरस्वती आह्वान अनुष्ठान का महत्व
सरस्वती आह्वान का मतलब है ‘बुलावा देना’। इस पवित्र दिन भक्तों द्वारा सीखने और ज्ञान पाने के लिए ‘देवी सरस्वती’ का आह्वान किया जाता है। मानयता है देवी सरस्वती की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान की प्राप्ति होती है। सरस्वती पूजा के दिन कइ जगह भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। कई शैक्षणिक संस्थान में भी नवरात्रि के शुभ अवसर पर सरस्वती पूजा की जाती है। क्योंकि यह दिन शिक्षा और सीखने के लिए अत्यधिक शुभ होता है। इस मौके पर भक्त सरस्वती मां की मूर्ति को पीले रंग के कपड़े पहनाते हैं। कहते हैं नवरात्रि के आखिरी तीन दिनों में देवी सरस्वती की श्रद्धा-भाव से पूजा करने से तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
