Naina Devi Shaktipeeth in Himachal Pradesh: हिमाचल की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित श्रद्धा का केंद्र और शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रों में सुबह की मंगल आरती और वेद-मंत्रों के उच्चारण से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में गूंज रहा है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे है। श्री नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में है नवरात्रों के अवसर पर यहां आस्था का महाकुंभ बन गया है।
श्री नैना देवी शक्तिपीठ (pic: Shri Naina Devi Ji official website)
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल समेत देश के अन्य हिस्सों से श्रद्धालुओं के जत्थे मंदिर पहुंच रहे है। मंदिर प्रांगण में जयकारों की गूंज और घंटियों की मधुर ध्वनि ने भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया है। भक्त यहां न केवल दर्शन के लिए आ रहे है बल्कि परंपरा के अनुसार श्री नैना देवी धाम से ज्योति लेकर भी जा रहे है। ये ज्योति भक्त अपने घरों में नवरात्रों के दौरान जलाकर रखते है। मंदिर के प्राचीन हवन कुंड में श्रद्धालु आहुति भी डाल रहे है।
क्या है नैना देवी की मान्यता
बता दे ये वही स्थान है जहां माता सती के नेत्र गिरे थे और तभी से इसे श्री नैना देवी धाम के नाम से जाना जाता है। यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रों में मां की उपासना करने यहां आने से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है।श्री नैना देवी मंदिर केवल हिमाचल ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रों के दौरान मंदिर में विशेष पूजन, हवन, कन्या पूजन, भंडारे और जागरण आयोजित होते हैं। ये परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी उसी भक्ति और श्रद्धा से निभाई जा रही है।
