Nag Panchami Vrat Vidhi In Hindi (नाग पंचमी व्रत विधि): नाग पंचमी का त्योहार नाग देवता के सम्मान के लिए मनाया जाता है। कहते हैं इस दिन नागों की प्रतिमा का दूध से अभिषेक करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इतना ही नहीं इस दिन नाग पूजा करने से राहु-केतु के दोषों से भी छुटकारा मिल जाता है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुरक्षा और खुशहाली के लिए व्रत भी रखती हैं। यहां जानिए नाग पंचमी व्रत की विधि।
Nag Panchami Vrat Vidhi, Nag Panchami Upvas Kesa Karava
नाग पंचमी उपवास विधि (Nag Panchami Upvas Vidhi)
- नाग पंचमी का व्रत रख रहे हैं तो चतुर्थी तिथि पर एक समय ही भोजन करें।
- फिर नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद पूजा कर व्रत का संकल्प लें।
- नाग पंचमी व्रत में शाम तक अन्न का सेवन नहीं किया जाता।
- शुभ मुहूर्त में नाग देवता की पूजा करें।
- अगर घर के पास नाग देवता का मंदिर हो तो वहां जाकर नाग देवता की मूर्ति पर दूध चढ़ाएं।
- इसके बाद शाम में अन्न खाकर भोजन खोल लें।
नाग पंचमी की पूजा कैसे करें (Nag Panchami Ki Puja Kaise Kare)
- नाग पंचमी के दिन नाग चित्र या मिट्टी की सर्प मूर्ति को लकड़ी की चौकी पर रखें।
- इसके बाद हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नाग देवती की पूजा करें।
- फिर मूर्ति पर कच्चा दूध, चीनी और घी मिलाकर चढ़ाएं।
- इसके बाद सर्प देवता की आरती करें।
- इसके बाद नाग पंचमी की कथा सुनें।
नाग पंचमी का महत्व (Nag Panchami Ka Mahatva)
कहते हैं नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से व्यक्ति को सांप के डसने का भय नहीं रहता। इस दिन सर्पों को दूध से स्नान कराने और दूध पिलाने से अक्षय-पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन घर के प्रवेश द्वार पर नाग देवता का चित्र बनाने की भी परंपरा है।
