Mohini Ekadashi 2023 Vrat Katha: मोहिनी एकादशी व्रत कथा हिंदी में, पौराणिक कहानी से जानें इस व्रत का क्या है महत्व

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated May 1, 2023, 07:18 PM IST

Mohini Ekadashi Vrat Katha In Hindi, मोहिनी एकादशी की पौराणिक कहानी: मोहिनी एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, जो प्रतिवर्ष वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इसबार मोहिनी एकादशी 1 मई 2023 को पड़ रही है। इस दिन मोहिनी एकादशी व्रत की कथा सुनने या पढ़ने से सुख-सौभाग्य का आगमन होता है। इसी के साथ यहां जानिए मोहिनी एकादशी व्रत कथा इन हिंदी।

Mohini Ekadashi Vrat Katha In Hindi 2023: हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) का विशेष महत्व है। यह प्रतिवर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ती है। यह सृष्टी के पालनहार देव श्री हरि विष्णु को समर्पित एक खास दिन है। इस बार यह व्रत 1 मई 2023, सोमवार को पड़ी है। कहते हैं भगवान विष्णु ने इसी दिन मोहिनी का अवतार लेकर संपूर्ण सृष्टि को असुरों के चंगुल से बचाया था। यही वजह है कि इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की आराधना की जाती है। पूजन के दौरान इस व्रत की कथा सुनने या पढ़ने से साधक को विशेष फलों की प्राप्ति होती है। समस्त पाप और दुखों का शमन होता है। वहीं, धन-सौभाग्य (Mohini Ekadashi 2023 Significance) का आशीर्वाद मिलता है। जानिए मोहिनी एकादशी की व्रत कथा इन हिंदी। मोहिनी एकादशी की पौराणिक कहानी से जानें इस व्रत का महत्व।

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मोहिनी एकादशी की व्रत कथा इन हिंदी (Ekadashi Vrat Katha 2023)

पौराणिक कथा अनुसार, सरस्वती नदी के तट पर बासी एक भद्रावती नामक नगरी में द्युतिमान नाम का चंद्रवंशी राजा राज करता था। उसके दरबार में धन-धान्य से संपन्न और पुण्यवान एक वैश्य भी रहता था, जिसका नाम धनपाल था। वह परम विष्णु भक्त था। उसने नगर में कई भोजनालय, सरोवर, धर्मशाला, प्याऊ, कुएं आदि बनवाए थे। इतना ही नहीं, सड़कों पर आम, जामुन, नीम आदि के वृक्ष भी लगवाए थे। उसके 5 पुत्र- सद्‍बुद्धि, सुमना, सुकृति, मेधावी और धृष्टबुद्धि थे।

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