Hanuman Janmotsav 2026: हनुमान जयंती के पावन अवसर पर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में इस बार आस्था, भक्ति और दिव्यता का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर श्रद्धालु के मन को भाव-विभोर कर दिया। दूर-दराज से आए हजारों भक्तों ने 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' के जयघोष के साथ पूरे धाम को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था का जीवंत अनुभव बन गया।
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर देश के सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली मंदिरों में गिना जाता है। यहां आने वाले ज्यादातर लोग ऐसी समस्याओं से परेशान होते हैं, जिन्हें सामान्य रूप से समझ पाना मुश्किल होता है, जैसे डर, मानसिक अशांति या किसी अज्ञात बाधा का असर। मंदिर में बालाजी के साथ-साथ प्रेतराज सरकार और भैरव जी की भी पूजा होती है। मान्यता है कि यहां न्याय की तरह सुनवाई होती है, जहां पीड़ित व्यक्ति अपनी अर्जी लगाता है और भगवान की कृपा से उसे राहत मिलती है। खुद यहां के राजा बालाजी उन्हें सजा देते हैं।
मेहंदीपुर बालाजी में लगी भूत-प्रेतों की कचहरी
आज 02 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती मनाई जा रही है, इसके साथ ही चैत्र पूर्णिमा के दिन भी है। पूर्णिमा के दिन बालाजी मंदिर प्रभु कचहरी लगाते हैं, जिसमें प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा के सामने नकारात्मक घुटने टेकती हैं। इसके साथ ही वहां के राजा स्वयं बालाजी हैं, जो उन्हें दंड सुनाते हैं। इस वजह से आज के दिन मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में इस दिन खास भीड़ और अलग ही माहौल देखने को मिलता है। सुबह से ही लाखों श्रद्धालु भगवान हनुमान, प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और महाआरती में शामिल होते हैं। पूर्णिमा के दिन यहां ‘अर्जी’ और ‘पेशी’ लगाने का विशेष महत्व माना जाता है, जिसमें भक्त अपनी शारीरिक या मानसिक परेशानियों और ऊपरी बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। मंदिर में उड़द और चावल का भोग लगाया जाता है और कई श्रद्धालु काले लड्डू से नकारात्मक ऊर्जा को वारकर पवित्र अग्नि में अर्पित करते हैं। इस दिन पूरा धाम भक्ति, आस्था और रहस्यमयी ऊर्जा से भरा होता है और बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर यहां आते हैं।
भव्य आयोजन ने बढ़ाई शोभा
इस बार हनुमान जन्मोत्सव पर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, भक्ति संगीत और जयकारों से पूरा वातावरण दिव्य हो गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं और हर कोई भगवान हनुमान के दर्शन के लिए उत्साहित नजर आ रहा था।
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के आने के बावजूद व्यवस्था काफी सुचारु रही, जिससे लोगों को दर्शन में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
1100 किलो पंचामृत से महाभिषेक
हनुमान जयंती के इस विशेष अवसर पर बालाजी महाराज का 1100 किलो पंचामृत से महाभिषेक किया गया, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। इस भव्य अनुष्ठान के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महाभिषेक के दौरान पूरा मंदिर परिसर मंत्रोच्चार और भक्ति में डूब गया।
151 कन्याओं का पूजन और भंडारा
इस आयोजन में 151 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया जा रहा है। कार्यक्रम में भक्तों ने इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही बड़े स्तर पर भंडारे का आयोजन भी हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा का दिखा अद्भुत दृश्य
हनुमान जन्मोत्सव के दौरान सबसे खास और आकर्षक पल वह रहा, जब हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। आसमान से बरसते फूलों ने पूरे धाम को जैसे आस्था की चादर से ढक दिया। इस नजारे ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भगवान का जयकारा लगाने लगे। इसके अलावा हाथी-घोड़ों की मौजूदगी ने आयोजन को राजसी रूप दे दिया।
बालाजी महाराज की महाआरती
इस महापर्व का मुख्य आकर्षण बालाजी महाराज की महाआरती रही, जिसे पीठाधीश्वर डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। इसके बाद भक्तों पर जल के छींटे भी डाले गए।
मेहंदीपुर बालाजी धाम की खासियत
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां की स्वयंभू बालाजी प्रतिमा है। इस धाम में एक ही परिसर में बालाजी महाराज, प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा विराजमान हैं। यही कारण है कि यह स्थान सिर्फ पूजा का केंद्र नहीं, बल्कि आस्था और रहस्य का भी अनोखा संगम माना जाता है। यहां आने वाले भक्त अपनी समस्याओं से मुक्ति की कामना लेकर आते हैं और बालाजी की कृपा से राहत मिलने का विश्वास रखते हैं।
प्रशासन ने किए हैं पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यातायात नियंत्रण, दर्शन की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को सुचारु रूप से संचालित किया गया, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
