Masik Shivratri Vrat Katha: मासिक शिवरात्रि व्रत वाले दिन जरूर पढ़ें ये कथा

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jun 16, 2023, 06:24 AM IST

Masik Shivratri Vrat Katha In Hindi: हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व बताया जाता है। यहां पढ़ें मासिक शिवरात्रि की व्रत कथा हिंदी में।

Masik Shivratri Vrat Katha In Hindi: कोई भी व्रत बिना उस व्रत की कथा को पढ़े अधूरा माना जाता है। 16 जून को मासिक शिवरात्रि व्रत पड़ा है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ये व्रत रखा जाता है। इस व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शिवरात्रि व्रत करने से व्यक्ति के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और भक्त को शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। मासिक शिवरात्रि के दिन शिव जी की विधि विधान पूजा करने के बाद शिवरात्रि की कथा पढ़ना बिल्कुल भी न भूलें। यहां देखें मासिक शिवरात्रि की व्रत कथा हिंदी में।

Masik Shivrati Vrat Katha In Hindi

पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में चित्रभानु नाम का एक शिकारी था। जो जानवरों की हत्या करके अपने परिवार को पालता था। लेकिन ये शिकारी साहूकार का कर्जदार था, वो उसका ऋण समय पर नहीं चुका सका। जिससे क्रोधित साहूकार ने शिकारी को शिवमठ में बंदी बना लिया। संयोग से उस दिन शिवरात्रि का पावन दिन था। शिकारी ध्यानमग्न होकर शिवरात्रि और शिव से संबंधित धार्मिक बातें सुनता रहा। उस दिन उसने शिवरात्रि व्रत की कथा भी सुनी। शाम में साहूकार ने उसे अपने पास बुलाया और ऋण चुकाने के विषय में बात की। शिकारी ने कहा कि वो अगले दिन सारा ऋण लौटा देगा। शिकारी के मुख से ऐसी बातें सुनकर साहुकार ने उसे छोड़ दिया। अपनी दिनचर्या की भांति वह जंगल में शिकार के लिए निकल पड़ा लेकिन दिनभर बंदी गृह में रहने के कारण वो भूख-प्यास से व्याकुल था। शिकारी अपना शिकार खोजता हुआ काफी दूर निकल गया। जब अंधेरा हुआ तो उसने विचार किया कि लगता है आज रात जंगल में ही बितानी पड़ेगी। वह वन में एक तालाब के किनारे बेल के पेड़ पर चढ़ कर रात बीताने लगा।

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