Mahashivratri Ke Upay Pradeep Mishra: शिवरात्रि भले ही हर महीने में पड़ती है लेकिन महाशिवरात्रि जितना महत्व किसी अन्य शिवरात्रि का नहीं होता। दरअसल इसके पीछे कई खास कारण हैं। ऐसा माना जाता है कि ये वही शिवरात्रि है जब भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था। वहीं कुछ कथाओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव पहली बार शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इसलिए ही ये महाशिवरात्रि इतनी खास होती है। ऐसे में इस शिवरात्रि से जुड़े कई तरह के उपाय भी बताए जाते हैं। कथावाचक प्रदीप मिश्रा जी ने भी महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर एक अचूक उपाय बताया है।
Mahashivratri Ke Upay Pradeep Mishra
बता दें इस साल महाशिवरात्रि पर्व 8 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। कथावाचक प्रदीप मिश्रा जी ने महाशिवरात्रि को लेकर एक ऐसा उपाय बताया है जिससे बिजनेस में आ रही सभी दिक्कतें दूर हो सकती हैं।
महाशिवरात्रि का उपाय (Mahashivratri Ke Upay Pradeep Mishra)
प्रदीप मिश्रा जी ने एक कथा के दौरान बताया कि अगर व्यापार नहीं चल रहा है और बहुत ज्यादा कष्ट में जीवन निकल रहा हो। तो ऐसे में एक धतूरे को हल्दी में डूबोकर शंकर भगवान को महाशिवरात्रि की रात 12 बजे अर्पित करें। उस धतूरे को 5-10 मिनट बाद भगवान के पास से उठा लाएं। फिर श्री शिवाय नमस्तुभ्य मंत्र बोलकर उस धतूरे को लाल कपड़े में बांधकर व्यापार वाली जगह में कहीं भी बांध दें। इससे व्यापार आगे बढ़ता चला जाएगा।
रोग से मुक्ति का उपाय (Maha Shivratri Ke Totke)
पंडित प्रदीप मिश्रा जी अनुसार अगर कोई व्यक्ति बीमार है और लंबे समय से ठीक नहीं हो रहा है तो किसी भी शिवरात्रि के दिन 7 धतूरे लेकर उनमें से एक धतूरे में मौली लपेटकर शिवलिंग के ऊपर चढ़ाना है बाकी 6 धतूरे में हल्दी लगाकर उनमें से एक धतूरा शिवलिंग में गणेश जी के स्थान, दूसरा धतूरा श्री कार्तिकेय जी के स्थान, तीसरा धतूरा अशोक सुंदरी जी के स्थान, चौथा धतूरा मां पार्वती जी के स्थान, एक धतूरा जहां से पानी नीचे गिर रहा हो उस स्थान पर चढ़ा देना चाहिए। फिर जहां से जल नीचे गिर रहा है उस स्थान पर चढ़ाए गए धतूरे को उठा लेना है और उसे महादेव जी का नाम लेकर बीमार व्यक्ति से स्पर्श कराकर बेलपत्र पेड़ के नीचे रख देना है। इससे रोग से मुक्ति मिलनी शुरू हो जाएगी।
