शिव जी को क्यों चढ़ाया जाता है 3 पत्तों वाला बेलपत्र? जानें इस साल कैसा बेलपत्र चढ़ाना होगा शुभ

Belpatra Kaisa Chadhana Chahie: महाशिवरात्रि पर महादेव को 3 पत्तों वाला बेलपत्र जरूर चढ़ाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 3 पत्तों वाला बेलपत्र ही क्यो? इसके पीछे की कहानी हम आपको बताते हैं। साथ ही इस साल आपको कैसा बेलपत्र चढ़ाना है, ये भी आप यहां से जान सकते हैं।

Belpatra Kaisa Chadhana Chahie: महाशिवरात्रि आ रही है और इसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। महादेव के भक्त इस खास दिन पर उन्हें प्रसन्न करने का हर तरीका आजमाते हैं। भोलेबाबा के प्रिय भोज से लेकर प्रिय फल-फूल तक, सब अर्पित किया जाता है। महाशिवरात्रि पर बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा काफी पुरानी है। खासतौर से तीन पत्तियों वाला बेलपत्र ही चढ़ाया जाता है। लेकिन क्या आप इसके पीछे का कारण जानते हैं। यहां हम आपको बेलपत्र से जुड़े सभी सवालों के जवाब बता रहे हैं।

शिवलिंग पर 3 पत्तों वाला बेलपत्र क्यों चढ़ाया जाता है? (pc: canva)

शिव जी को 3 पत्तों वाला बेलपत्र क्यों चढ़ाया जाता है?

महाशिवरात्रि पर भोले बाबा को तीन पत्तियों का बेलपत्र अर्पित किया जाता है। असल में बेलपत्र के ये 3 पत्ते त्रिदेव हैं यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश। जब ये तीनों पत्ते एक ही डंडी में जुड़े होते हैं तो त्रिपुंड यानी कि तीन रेखाओं और त्रिगुणों, सत, रज और तम का भी प्रतीक माने जाते हैं। शिवलिंग पर इसे चढ़ाना त्रिलोक में सर्वोच्च मानने का संकेत है। और मान्यता ये भी है कि बेलपत्र की ठंडी प्रकृति भगवान शंकर की उग्र उर्जा को शीतल रखती है। इससे भक्त की भक्ति तुरंत स्वीकार होती है। अगर बेलपत्र टूटा हुआ या कटा हुआ हो तो शिव जी को नहीं चढ़ाना चाहिए। इसलिए जब भी बेलपत्र चढ़ाएं तो तीन पत्तों वाला बेलपत्र ही चढ़ाएं।

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