Mahashivratri Dos and Don’ts in Hindi (महाशिवरात्रि में क्या करें और क्या नहीं): हर साल फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में शिव मंदिरों को सुंदर ढंग से सजाया जाता है और हर तरफ हर्ष और उल्लास की लहर होती है। ये दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान भगवान शिव को विभिन्न भोग अर्पित किए जाते हैं और शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। इन कार्यों से मनुष्य को शुभ फल की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन कुछ ऐसे काम वर्जित माने जाते हैं जिन्हें करने से महादेव नाराज हो सकते हैं और पूजा के फल की प्राप्ति नहीं होती है। वहीं कुछ ऐसे भी कार्य हैं जिन्हें करने से भगवान शंकर बेहद प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं शिवरात्रि के दिन क्या करें और क्या ना करें...
Mahashivratri Dos and Don’ts in Hindi
Mahashivratri Ke Din Kya Karna Chahiye (महाशिवरात्रि के दिन क्या करना चाहिए)
•महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-ध्यान करें।
•सफेद रंग के साफ वस्त्र धारण करें।
•मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करें।
•शिव परिवार की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें।
•सात्विक भोजन का सेवन करें।
•अनाज और धन का दान करें।
•शिव चालीसा और शिव मंत्रों का जप करें।
•शिवलिंग पर विशेष चीजों से अभिषेक करें।
Mahashivratri Ke Din Kya Nahi Karna Chahiye (महाशिवरात्रि के दिन क्या नहीं करना चाहिए)
•महाशिवरात्रि के दिन तामसिक चीजों का सेवन न करें।
•दूसरों से किसी भी प्रकार का कोई वाद-विवाद न करें।
•सुबह की पूजा करने के बाद दिन में न सोएं।
•पूजा के दौरान शिवलिंग पर टूटे हुए चावल न चढ़ाएं।।
•महिलाओं का अपमान न करें।
•कठोर शब्दों का प्रयोग न करें।
•मूली, बैंगन आदि का सेवन न करें।
अगर व्यक्ति इन सभी बातों का ध्यान देता है तो उसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सकती है तथा उसके जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है और उसके सभी संकट दूर हो सकते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माने जाने वाले पर्व महाशिवरात्रि को अपने परिवार के साथ मनाने से सौभाग्य बढ़ता है।
