बगलामुखी प्रत्यंगिरा कवच : नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और आत्मबल जागरण के लिए करें जाप, बिना गुरु के नहीं होता पाठ

Maa Baglamukhi Pratyangira Kavach: बगलामुखी प्रत्यंगिरा कवच एक शक्तिशाली स्तोत्र या मंत्रात्मक संरचना मानी जाती है। शत्रु बाधा, भय, नकारात्मक ऊर्जा, ईर्ष्या और तंत्र-बाधाओं से रक्षा के लिए इसका जाप होता है।

Maa Baglamukhi Pratyangira Kavach: सनातन परंपरा में देवी उपासना केवल भक्ति का मार्ग नहीं, बल्कि आत्मरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति जागरण का भी माध्यम मानी गई है। दशमहाविद्याओं में माता बगलामुखी और देवी प्रत्यंगिरा दोनों ही अत्यंत प्रभावशाली और रहस्यमयी शक्तियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन्हीं दोनों दिव्य शक्तियों के संयुक्त संरक्षण स्वरूप को बगलामुखी प्रत्यंगिरा कवच कहा जाता है। तंत्र और साधना परंपरा में यह कवच साधक के लिए आध्यात्मिक सुरक्षा कवच माना जाता है।

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बगलामुखी प्रत्यंगिरा कवच लिखित में, जानें कब और कैसे करना है इसका पाठ

बगलामुखी प्रत्यंगिरा कवच लिखित में

विनियोग

अस्य श्री बगला प्रत्यंगिरा मन्त्रस्य नारद ऋषिस्त्रिष्टुप छन्दः प्रत्यंगिरा ह्लीं बीजं हूं शक्तिः ह्रीं कीलकं हूलीं लीं लीं लीं प्रत्यंगिरा मम शत्रु विनाशे विनियोगः।

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