Maa Baglamukhi Aarti Hindi Lyrics: जय जय श्री बगलामुखी माता आरति करहुँ तुम्हारी- यहां पढ़ें बगलामुखी की आरती लिरिक्स

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 12, 2023, 04:43 PM IST

Maa Baglamukhi Ki Aarti Lyrics in Hindi (जय जय श्री बगलामुखी माता आरती करहूँ तुम्हा मां बगलामुखी की आरती): मां बगलामुखी को युद्ध और पराक्रम की देवी कहा जाता है। इसलिए हिंदू धर्म में इनकी पूजा का विशेष महत्व है। कहते हैं मां बगलामुखी की विधिवत पूजा-अर्चना करने से मां अपने भक्तों पर कृपा-दृष्टि बनाए रखती हैं। यहां तक कि रोजाना सिर्फ उनकी आरती उतारने से भी मां प्रसन्न हो जाती हैं। यहां देखिए मां बगलामुखी आरती की हिंदी लिरिक्स।

Maa Baglamukhi Ki Aarti Lyrics In Hindi, Jay Jay Shri Baglamukhi Mata Aarti Karahun Tumhari Aarti in Hindi: मां बगलामुखी उन प्रमुख देवियों में से एक हैं जिन्हें हिन्दू धर्म में अत्यधिक पूजा जाता है। इनको युद्ध की देवी भी कहा जाता है। इसलिए मां बगलामुखी की साधना खास कर तन्त्र-मन्त्र की विद्या के लिए की जाती है। मां के अलौकिक सौंदर्य और अपार शक्ति के कारण ही इन्हें सबसे ज्यादा लोग पूजते हैं। इनकी पूजा आरती के बिना संपूर्ण नहीं मानी जाती। कहते हैं मां बगलामुखी की जय जय श्री बगलामुखी माता आरति करहुँ तुम्हारी आरती करने से जीवन में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। मां बगलामुखी की कृपा से दुश्मनों से लड़ने की क्षमता और शक्ति मिल जाती है। हर असंभव कार्य संभव होने लगते हैं। इतना ही नहीं जीवन के हर पड़ाव पर सफलता मिलती है। यहां जानिए मां बगलामुखी की आरती के हिंदी लिरिक्स।

​Baglamukhi Aarti Lyrics In Hindi

Baglamukhi Aarti: जय जय श्री बगलामुखी माता, आरती करहूँ तुम्हारी के हिंदी लिरिक्स

मां बगलामुखी आरती, Maa Baglamukhi Aarti Lyrics in Hindi:

जय जय श्री बगलामुखी माता,

आरती करहूँ तुम्हारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता,

आरती करहूँ तुम्हारी |

पीत वसन तन पर तव सोहै,

कुण्डल की छबि न्यारी |

कर कमलों में मुद्गर धारै,

अस्तुति करहिं सकल नर नारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता …

चम्पक माल गले लहरावे,

सुर नर मुनि जय जयति उचारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता ...

त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब,

भक्ति सदा तव है सुखकारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता …

पालन हरत सृजत तुम जग को,

सब जीवन की हो रखवारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता …

मोह निशा में भ्रमत सकल जन,

करहु ह्रदय महँ, तुम उजियारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता …

तिमिर नशावहू ज्ञान बढ़ावहु,

अम्बे तुमही हो असुरारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता …

सन्तन को सुख देत सदा ही,

सब जन की तुम प्राण प्यारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता …

तव चरणन जो ध्यान लगावै,

ताको हो सब भव – भयहारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता …

प्रेम सहित जो करहिं आरती,

ते नर मोक्षधाम अधिकारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता …

|| दोहा ||

बगलामुखी की आरती, पढ़ै सुनै जो कोय |

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