MP Chandra Grahan Timing Today LIVE: आध्यात्मिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण का खास महत्व है। आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से ही चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो गई है। ये पूर्ण ग्रहण है, जो भारत में नजर आएगा। आप अगर मध्य प्रदेश के किसी भी हिस्से में रहते हैं तो आप यहां से जानें कि आपके शहर में चंद्र ग्रहण कब दिखेगा और आपके यहां ग्रहण कब से कबतक रहेगा।
Madhya Pradesh Me Chandra Grahan Kab Lagega 2026 (मध्य प्रदेश में आज चंद्र ग्रहण कितने बजे दिखेगा)-
| शहर का नाम | चंद्र ग्रहण कब से कब तक रहेगा | चंद्र ग्रहण कितने बजे दिखेगा |
| इंदौर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:35 PM – 6:47 PM |
| भोपाल | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:21 PM – 6:47 PM |
| जबलपुर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:15 PM – 6:47 PM |
| ग्वालियर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:25 PM – 6:47 PM |
| उज्जैन | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:23 PM – 6:47 PM |
| सागर | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:20 PM – 6:47 PM |
| देवास | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:28 PM – 6:47 PM |
| सतना | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:18 PM – 6:47 PM |
| रीवा | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:16 PM – 6:47 PM |
| रतलाम | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:30 PM – 6:47 PM |
| कटनी | 3:20 PM से 6:47 PM | 6:17 PM – 6:47 PM |
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?
- घर और आसपास साफ-सफाई रखें।
- चंद्र ग्रहण के समय भक्ति और ध्यान करें, मंत्र-जप या प्रार्थना करना शुभ माना जाता है।
- गरीबों, जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को दान करें—अनाज, कपड़े, पैसे या दीपक आदि।
- ग्रहण के समय धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें, जैसे भगवद्गीता, नृसिंह स्तोत्र या प्रह्लाद की कथा।
- सकारात्मक विचार रखें और शांतिपूर्ण वातावरण बनाएं।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें?
- ग्रहण के समय खाना बनाना या खाना नहीं चाहिए, भोजन ग्रहण शुरू होने से पहले तैयार कर लें।
- नहाना या पानी में डुबकी लेना वर्जित माना जाता है।
- नई चीजें शुरू करना, लेन-देन या महत्वपूर्ण निर्णय लेना टालें।
- गर्भवती महिलाओं को बाहर जाने या किसी जोखिम वाले काम से बचना चाहिए।
- इस दौरान विवाद, झगड़ा या नकारात्मक क्रियाएं न करें।
चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें?
चंद्र ग्रहण शाम को 6:47 बजे खत्म हो रहा है। इसके खत्म होने के साथ ही स्नान करें। उसके बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें, ताकि नकारात्मकता दूर हो जाए और घर पवित्र हो। चंद्र देव के मंत्रों का जाप करें। चंद्र ग्रहण के खत्म होने पर जब आप देवी और देवताओं की पूजा करें तो चंद्र देव की आरती करना न भूलें। रसोईघर और चूल्हे की सफाई करें। फिर भोजन बनाएं। उसमें से भगवान को भोग लगाएं। फिर उसको ग्रहण करें।
