Chanakya Niti: मनुष्‍य के ये तीन अवगुण असफलता की निशानी, समय रहते बना लें इससे दूरी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 4, 2023, 09:21 PM IST

Chanakya Niti in Hindi: नीति शास्‍त्र में आचार्य चाणक्य ने मनुष्य के गुण और अवगुण के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी है। आचार्य कहते हैं कि व्‍यक्ति को उसके गुणों के कारण ही जहां जीवन में सफलता मिलती है, वहीं अवगुण के कारण सफल होते कार्य भी असफल हो जाते हैं। इसलिए समय रहते अवगुणों से दूरी बना लेना ही बेहतर है।

KEY HIGHLIGHTS
  • चंचल मन व स्‍वभाव के लोग हमेशा परेशारियों से घिरे रहते
  • दूसरी की खुशी देखकर जलने वाले लोग हमेशा रहते हैं अकेले
  • अस्थिर दिमाग असफल की सबसे बड़ी निशानी है

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि, मनुष्‍य के गुण ही उसे सफलता की सीढ़ियों चढ़ने में मदद करते हैं। वहीं अगर मनुष्‍य में कोई अवगुण हैं तो वह चाहे लाख प्रयास कर ले, लेकिन उसको सफल नहीं मिल सकती है। आचार्य चाणक्य ने लोगों को ऐसे ही कुछ अवगुणों से हमेशा दूर रहने की सलाह दी है। इसके साथ आचार्य ने अपनी बातों से कुछ ऐसी प्रेरणा दी है, जिससे व्‍यक्ति सुख-शांति से अपना जीवन जीने का तरीका सीख सके। चाणक्य कहते हैं व्‍यक्ति के जीवन जीने का तरीका और उसके अंदर मौजूद गुण-अवगुण ही उसे हर क्षेत्र में सफल और असफल बनाते हैं। सभी के अंदर कुछ न कुछ अवगुण मौजूद होते हैं, लेकिन इनमें से कुछ अवगुण ऐसे होते हैं, जिन्‍हें अगर समय रहते व्‍यक्ति खुद से दूर न करे तो ये व्‍यक्ति के जिंदगीभर की मेहनत पर कुछ ही पल में पानी फेर देते हैं।

Chanakya Niti_ मनुष्_य के ये तीन अवगुण असफलता की निशानी, समय रहते बना लें इससे दूरी

मनुष्‍य के ये तीन अवगुण उसे नहीं पाने देते हैं सफलता

चंचल मन

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि, खुश रहने के लिए मन का शांत होना बहुत जरूरी है। जिस भी व्यक्ति का मन शांत नहीं रहता, वह कभी खुश नहीं रह सकता। चंचल मन वाले लोगों के पास में सबकुछ होते हुए भी जीवन में न तो कभी खुश रह पाते हैं और न ही किसी कार्य को बेहतर तरीके से कर सकते हैं। ऐसे लोग जीवनभर कई तरह के परेशानियों से हमेशा घिरे रहते हैं। ऐसे लोगों के इस अवगुण के कारण कई बार बनता हुआ कार्य भी पल में ध्‍वस्‍त हो जाता है।

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