Chanakya Niti: चाणक्‍य के ये चार उपाय हर लेते हैं दुख दर्द, जीवन में अपनाकर रहेंगे हमेशा खुश

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  • Updated Dec 5, 2022, 12:32 AM IST

Chanakya Niti in Hindi: चाणक्‍य नीति में जीवन की कई अहम बातें बताई हैं। आचार्य ने सुख और दुख को जीवन चक्र का हिस्‍सा बताते हुए कहते हैं कि मनुष्‍य की कुछ आदतें उसे बहुत ज्‍यादा परेशान करती हैं अगर उन्‍हें बदल लिया जाए तो दुख को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। मनुष्‍य के लिए ये बदलाव जरूरी हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • सुख और दुख हैं मानव जीवन चक्र के अहम हिस्‍सा
  • लोगों को उनके मोह-ममता देते हैं सबसे ज्‍यादा दुख
  • बीमारी और अतीत की याद लोगों को करती है परेशान

Chanakya Niti in Hindi: चाणक्‍य नीति में मानव जीवन के लिए कई उपयोगी बातों का जिक्र किया गया है। इसमें आचार्य चाणक्‍य के नीतियों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि, सुख-दुख समय के चक्र हैं जो सभी के जीवन में आते रहते हैं। जीवन में सुख तो सभी चाहते हैं लेकिन दुख कोई नहीं चाहता है। हालांकि इस समय चक्र को बदला नहीं जा सकता है, लेकिन इसके असर को कुछ हद तक कम जरूर किया जा सकता है। आचार्य ने अपने नीतिशास्‍त्र में कुछ ऐसी ही बातों का जिक्र करते हुए दुख को कम करने के उपाय भी बताए हैं। आचार्य कहते हैं कि, मनुष्‍य की कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जो सबसे अधिक दुख पहुंचाती हैं। इन आदतों को खुद से दूर कर दुख को कम किया जा सकता है।

Chanakya Niti

चाणक्‍य के ये चार उपाय दिलाते हैं दुख दर्द से छुटकारा, रहेंगे हमेशा खुश

मोह-ममता से दूरी

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि, मानव जीवन दुख का मूल कारण मोह-ममता होती है। अगर किसी व्‍यक्ति को दुख से बचना है तो उसे इससे दूर रहना होगा। जो व्‍यक्ति अपने परिवार से अति लगाव रखते हैं, वो हमेशा भय और दुख में जीते हैं। वहीं, जो लोग मोह-ममता से दूर रहते हैं, वे हमेशा खुश और निडर रहते हैं। मोह-ममता से खुद को दूर कर दुख को भी कम किया जा सकता है।

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