Kurma Jayanti 2024: कूर्म भगवान विष्णु का ही एक अवतार है। कूर्म का अर्थ कछुआ होता है। भगवान विष्णु के दश अवतारों में से एक है कछुआ अवतार है। कूर्म अवतार भगवान विष्णु ने वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन लिया था। इस कारण इस दिन कूर्म जयंती मनाई जाती है। भगवान विष्णु के इस अवतार के बारे में अलग- अलग पुराणों में उल्लेख किया गया है। पद्म पुराण के अनुसार समुद्र मंथन में धरती धरातल पर धसने लगी थी। तब भगवान विष्णु ने कछुए का अवतार लेकर पूरी धरती को अपनी पीठ पर संभाला था। आइए जानें कब है कूर्म जयंती और क्या है इसका महत्व।
Kurma Jayanti 2024 Date (कूर्म जयंती डेट 2024)
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख पूर्णिमा के दिन कूर्म जयंती मनाई जाती है। इस साल कूर्म जयंती 23 मई 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन शाम के समय 4 बजकर 25 मिनट से लेकर रात के 7 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।Kurma Jayanti Puja Vidhi (कूर्म जयंती पूजा विधि)
- कूर्म जयंती के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु का ध्यान करें।
- उसके बाद मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
- फिर चंदन, तिलक, अक्षत, फूल अर्पित करें।
- शाम के समय पूजा के दौरान कलश में पानी, दूध, तिल, गुड़ मिलकार स्थापित करें।
- अंत में भगवान विष्णु की आरती करें और भोग लगाएं।
