Shivratri Vrat 2023: नये साल में 12 की जगह 13 होंगे मासिक शिवरात्रि के व्रत, पढ़ें पूजन विधि और विधान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 28, 2022, 02:56 PM IST

Shivratri Vrat 2023: प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस बार अधिकमास की वजह से 12 की जगह 13 शिवरात्रि के व्रत होंगे। वर्ष 2023 में होंगे दो सावन। सबसे प्रमुख महाशविरात्रि का व्रत इस रखा जाएगा 18 फरवरी को।

KEY HIGHLIGHTS
  • अधिक मास होने के कारण 13 होंगी शिवरात्रि
  • फाल्गुन मास में 18 फरवरी को है महाशिवरात्रि
  • शिव और शक्ति की आराधना के समर्पित है व्रत

Shivratri Vrat 2023: सनातन धर्म में भगवान भाेलेनाथ काे समर्पित मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है। संकट को हरने वाले भगवान शंकर की इस दिन विशेष पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्री का व्रत रखा जाता है। माह के हिसाब से 12 मासिक शिवरात्रि प्रत्येक वर्ष हाेती हैं लेकिन वर्ष 2023 में अधिक मास होने के कारण सावन का महीना 60 दिन का है। यानी सावन के दो माह हैं। इस वजह से इस वर्ष मासिक शिवरात्रि 12 के स्थान पर 13 होंगी। वहीं इन सभी शिवरात्रियों में प्रमुख फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि 18 फरवरी को होगी।

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वर्ष 2023 में 13 होंगी मासिक शिवरात्रि।

मासिक शिवरात्रि का का महत्व

शिवरात्रि के नाम से ही जैसे ज्ञात होता है कि शिव और शक्ति की आराधना की रात्रि। इस रात्रि की साधना करने से साधक के मन में एकाग्रता और सकारात्मक उर्जा का वास होता है। उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सभी कठिन कार्य आसान हो जाते हैं। बस इस व्रत को धारण करने से पूर्व मन से द्वेष, अभिमान, लालच जैसे आसक्ति के भाव दूर कर देने चाहिए।

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