Kartik Purnima 2022 Tulsi Puja Vidhi: कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। दरअसल तुलसी भगवान विष्णु की काफी प्रिय मानी जाती है। यहां तक कि श्री हरि विष्णु जी बिना तुलसी के अपना भोग तक स्वीकार नहीं करते। कार्तिक मास का पूरा महीना ही विष्णु भगवान और तुलसी माता की पूजा के लिए खास माना जाता है। 8 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी। जानिए इस दिन तुलसी पूजा के समय किन बातों का रखना होगा ध्यान और किस मंत्र के जाप से आप अपने जीवन की सभी समस्याओं कर सकते हैं दूर।
कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा का है विशेष महत्व
कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा विधि (Kartik Purnima Tulsi Puja)
इस दिन ब्रम्ह मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाएं। जल चढ़ाते वक्त "महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी. आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते.." मंत्र का जप करें। संभव हो तो इस दिन जल के साथ गाय का कच्चा दुध भी अर्पित करें। साथ ही तुलसी के पौधे के समक्ष घी का दीपक भी जरूर जलाएं। ऐसी मान्यता है कि जो लोग सच्चे मन से तुलसी की पूजा करते हैं, उन पर मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।
कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी के इस मंत्र का करें जाप (Tulsi Mantra On Kartik Purnima 2022)
'महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।'
मान्यता है इस मंत्र के जाप से आर्थिक संकट के साथ-साथ जीवन की हर समस्या से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही लक्ष्मी जी की कृपा सदैव बनी रहती है।
तुलसी पूजा के दौरान इन बातों का रखें ख्याल: रविवार के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित न करें और न ही इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ें। तुलसी के पौधे के समक्ष साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। तुलसी के पौधे को प्रतिदिन जल चढ़ाएं इसे मुरझाने न दें। तुलसी की सुबह-शाम पूजा करनी चाहिए।
