Kanha Ji Ki Chhathi Puja Samagri List 2026: जन्माष्टमी के बाद अब घर-घर में लड्डू गोपाल की छठी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई गई थी। इसके छह दिन बाद 9 सितंबर 2026, बुधवार को कान्हा की छठी मनाई जाएगी। कुछ पंचांग और परंपराओं में लोग 10 सितंबर को भी छठी मना रहे हैं, लेकिन 9 सितंबर को छठी मनाना ज्यादा अनुकूल है।
कान्हा जी की छठी की पूजा सामग्री लिस्ट
छठी के दिन बाल गोपाल का विशेष स्नान, श्रृंगार और पूजन किया जाता है। इस दिन कान्हा के लिए खास भोग भी तैयार किया जाता है। इनमें कढ़ी-चावल, माखन-मिश्री, धनिया की पंजीरी और खीर प्रमुख रूप से शामिल हैं। अगर आप भी घर में लड्डू गोपाल की छठी मनाने जा रहे हैं तो पूजा से पहले यह पूरी सामग्री लिस्ट तैयार कर लें।
लड्डू गोपाल की छठी की पूजा सामग्री लिस्ट
लड्डू गोपाल की छठी के दिन उनका अभिषेक, श्रृंगार और भोग के लिए अलग-अलग सामग्री लगती है।
अभिषेक के लिए सामग्री
लड्डू गोपाल के अभिषेक के लिए इन चीजों को पहले से तैयार रखें।
- गंगाजल
- दूध
- दही
- घी
- शहद
- पंचामृत के लिए जरूरी सामग्री
- साफ जल
- छोटी पूजा की थाली
- शंख
पूजा के लिए जरूरी सामग्री
पूजा की थाली में ये चीजें रखी जा सकती हैं।
- रोली
- चंदन
- अक्षत यानी साबुत चावल
- तुलसी दल
- फूल
- फूलों की माला
- धूप
- अगरबत्ती
- दीपक
- घी या तेल
- कपूर
- पूजा की घंटी
- शंख
- पूजा की थाली
- साफ कपड़ा
लड्डू गोपाल के श्रृंगार की सामग्री
छठी के दिन कान्हा का विशेष श्रृंगार किया जाता है। इसके लिए आप ये सामान तैयार रख सकते हैं।
- नए पीले वस्त्र
- मुकुट
- बांसुरी
- मोरपंख
- फूलों की माला
- कंगन
- पायल
- हार
- चंदन
- काजल
छठी के भोग की सामग्री
लड्डू गोपाल की छठी की तैयारी में सबसे ज्यादा ध्यान भोग की थाली पर दिया जाता है। इस दिन कढ़ी-चावल को खास भोग माना जाता है। इसके साथ माखन-मिश्री, धनिया की पंजीरी और खीर रखी जाती है।
- बेसन
- दही
- चावल
- घी
- माखन
- मिश्री
- धनिया पाउडर
- सूखे मेवे
- दूध
- चावल या सेवईं, खीर के लिए
- चीनी या मिश्री
- इलायची
- मौसमी फल
- मिठाई
- तुलसी दल
पूजा में झूला भी रखें
छठी के दिन शाम को लड्डू गोपाल को झूले पर बैठाकर झूला झुलाया जाता है। इसके लिए आप पूजा से पहले छोटा झूला, फूल और सजावट की सामग्री तैयार रख सकते हैं और अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल को उसी झूले में विराजमान करें।
लड्डू गोपाल की छठी पर कैसे करें पूजा
छठी के दिन सुबह पूजा स्थल की सफाई से शुरुआत करें। इसके बाद लड्डू गोपाल को दूध मिले जल, पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं। स्नान के बाद उन्हें नए वस्त्र पहनाएं और मुकुट, बांसुरी, मोरपंख और फूलों से श्रृंगार करें। इसके बाद चंदन, रोली, अक्षत, फूल और तुलसी दल अर्पित करें। कढ़ी-चावल, माखन-मिश्री, धनिया की पंजीरी और खीर का भोग लगाएं। भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र और भजन का जाप करने के बाद आरती करें। अंत में परिवार के सदस्यों को प्रसाद बांटें।
