Kaal Bhairav Jayanti 2022: इस दिन मनाया जाएगा महादेव के रौद्र रूप काल भैरव का जन्मोत्सव, पूजा से भय और कष्ट होंगे दूर

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  • Updated Nov 3, 2022, 09:45 PM IST

काल भैरव जयंती मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को होती है। मान्यता है कि, इसी दिन भगवान शिवजी के उग्र रूप से काल भैरव का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को काल भैरव के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन काल भैरव की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति सभी तरह के कष्टों से मुक्त रहता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • भगवान शिव के क्रोध से हुआ था काल भैरव का अवतरण
  • मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी को होती है काल भैरव जयंती
  • काल भैरव की पूजा से भय, पीड़ा और समस्या होती है दूर

Kaal Bhairav Jayanti 2022 Date Puja Vidhi in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव की जयंती के रूप में मनाया जाता है। भगवान काल भैरव को शिवजी का पांचवा अवतार कहा जाता है। जोकि रौद्र, उग्र और क्रोधित रूप है। काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति भय, दुख, कष्ट और दरिद्रता से दूर रहता है। इस साल काल भैरव जयंती बुधवार 16 नवंबर 2022 को पड़ेगी। इसे भैरव अष्टमी, भैरव जयंती, कालाष्टमी और काल भैरव अष्टमी भी कहा जाता है। जानते हैं इस दिन कैसे करें विधि-विधान से भैरवनाथ जी की पूजा।

kaal bhairav jayanti

ऐसे करें काल भैरव की पूजा

काल भैरव जंयती शुभ मुहूर्त

काल भैरव जयंती हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह (माघ) के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को होगी।

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