Gemstone Identification Tips: ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का बड़ा महत्व हैं। ऐसे में अक्सर लोग ज्योतिषाचार्यों के कहने पर तरह-तरह के रत्नों को धारण करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मानव जीवन ग्रहों-नक्षत्र में घिरा रहता है। ज्योतिषाचार्य विशेषज्ञ कहते हैं कि, ग्रहों की शांति मनुष्य के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाती है। उग्र ग्रहों को शांत करने या उन्हें अपने अनुकूल बनाने के लिए कुछ विशेष रत्नों की जरूरत पड़ती है। अगर व्यक्ति अपने ग्रह-नक्षत्र के अनुसार रत्न को धारण करे तो उसे इसका पूरा लाभ मिलता है। हालांकि इन रत्नों को धारण करने से मुश्किल काम होता है। इनके असली और नकली की पहचान करना। बाजार में कई तरह के रत्न मिलते हैं, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। यहां हम आपको कुछ ऐसी जरूरी बातें बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप आसानी से रत्नों की पहचान कर सकेंगे।
रत्नों में असली-नकली फर्क जानना बेहद आसान, अपनाएं ये तरीका
ऐसे करें असली रत्न की पहचान
मूंगा
असली मूंगे की पहचान करने के लिए आप उसे शीशे पर घिस सकते हैं। क्योंकि असली मूंगा शीशे पर घिसने पर आवाज नहीं करता है। इसके अलावा आप मूंगे पर हाइड्रोक्लोरिक एसिड की बूंदे डालकर चेक कर सकते हैं, अगर झाग बन रहा है, तो वह असली मूंगा है।
हीरा
हीरे की पहचान करने के लिए आप उस पर मुंह से भाप छोड़ें। अगर भाप नहीं जमती है, तो वह असली हीरा है। इसके अलावा हीरे को गर्म दूध में डालने के बाद भी वह ठंडा ही रहता है।
पन्ना
इसकी पहचान के लिए पन्ना पर कच्ची हल्दी लगाने से हल्दी का रंग लाल हो जाता है। वहीं दूसरी पहचान के लिए पानी से भरे कांच के गिलास में पन्ना डालने पर उसमें हरी किरणें दिखाई देने लगती हैं।
माणिक
असली माणिक को पहचानने के लिए उस पर कमल के फूल की कली रखें, तो वह थोड़ी देर में खिल उठेगा। दूसरी पहचान के लिए माणिक को कांच के बर्तन में रखने पर यह लाल रंग में दिखने लगता है।
नीलम
इसकी पहचान के लिए नीलम को कांच के एक गिलास में पानी डालकर रखने से पानी के ऊपर नीली किरण दिखती है। इसके अलावा इसे दूध में रखने पर इसका रंग नीला दिखाई देने लगता है।
मोती
मोती की असली पहचान के लिए इसे तर्जनी से पकड़ने पर वह कुछ ही देर में गर्म होने लगेगा। वहीं मोती को पानी में डालने पर उसमें किरणें दिखाई देने लगती है।
पुखराज
इसे सफेद कपड़े में बांधकर धूप में रखने से उसमें पीली छाया दिखने लगती है। वहीं असली पुखराज को एक दिन दूध में रखने पर उसका रंग नहीं बदलता।
गोमेद
असली गोमेद की पहचान के लिए उसमें बुलबुले दिखाई नहीं देते हैं। वहीं दूसरी पहचान के लिए इसे चौबीस घंटे गोमूत्र में रखने पर उसका रंग बदलने लगता है।
लहसुनिया
असली लहसुनिया का रत्न पत्थर पर रगड़ने पर भी नहीं टूटता है। इसके अलावा इसे अंधेरे कमरे में रखने पर इसकी किरणें साफ दिख सकती हैं।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
