सावधान! ग्रहण योग इन 5 राशियों दे सकता है भारी नुकसान, बरतें खास सतर्कता

Chandra Gochar Kumbh Rashi 2026: ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं का कारक माना गया है। चंद्रमा जब राहु के साथ युति बनाते हैं तो ग्रहण योग का निर्माण होता है, जिसे शुभ नहीं माना जाता है। 16 मार्च को भी चंद्रमा ने राहु के युति बना ली है। आइए जानते हैं कि इससे किन राशि वालों को नुकसान हो सकता है?

Chandra Gochar Kumbh Rashi 2026: ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। चंद्रमा का गोचर बहुत तेज होता है और यह लगभग ढाई दिन में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। इसलिए चंद्रमा का राशि परिवर्तन लोगों के मन, सोच और रोजमर्रा के जीवन पर सीधा असर डालता है। ज्योतिष गणना के अनुसार 16 मार्च 2026 की शाम 6 बजकर 13 मिनट पर चंद्रमा ने कुंभ राशि में प्रवेश कर लिया है। कुंभ राशि में पहले से राहु और बुध मौजूद हैं।

चंद्रमा का कुंभ में गोचर (1)

चंद्रमा का कुंभ में गोचर

ऐसे में इन तीनों ग्रहों का संयोग बन गया है। राहु को भ्रम, अचानक बदलाव और मानसिक तनाव से जोड़ा जाता है, जबकि बुध बुद्धि, संवाद और सोच का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में चंद्रमा का राहु के साथ आना कुछ राशियों के लिए मानसिक अस्थिरता, उलझन या छोटी-छोटी परेशानियां बढ़ा सकता है। चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग बन जाता है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह गोचर चुनौतीपूर्ण रह सकता है और इससे राहत पाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।

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