Ahoi Ashtami (1 Nov 2026) Star Time Today in Haryana (अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे निकलेंगे): आज 1 नवंबर 2026, रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। सुबह से व्रत रखने के बाद शाम को अहोई माता की पूजा की जाती है और उनकी कथा सुनी जाती है। इसके बाद आसमान में तारे दिखाई देने पर उन्हें अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। ऐसे में हरियाणा की महिलाओं के मन में भी सवाल है कि आज उनके शहर में तारे कितने बजे दिखाई देंगे और चंद्रमा का उदय कब होगा? दरअसल, हर शहर में सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय अलग-अलग होता है। इसी वजह से तारों के दर्शन के समय में भी कुछ मिनटों का अंतर देखने को मिलता है।
अहोई अष्टमी पर तारा दर्शन का क्या रहेगा समय
हरियाणा के सभी 22 जिलों में अहोई अष्टमी 2026 पर तारा दर्शन और चंद्रोदय का अनुमानित समय
- अंबाला: तारे शाम 5:59 बजे, चंद्रोदय रात 11:39 बजे।
- भिवानी: तारे शाम 6:05 बजे, चंद्रोदय रात 11:44 बजे।
- चरखी दादरी: तारे शाम 6:04 बजे, चंद्रोदय रात 11:44 बजे।
- फरीदाबाद: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- फतेहाबाद: तारे शाम 6:06 बजे, चंद्रोदय रात 11:45 बजे।
- गुरुग्राम: तारे शाम 6:01 बजे, चंद्रोदय रात 11:41 बजे।
- हिसार: तारे शाम 6:05 बजे, चंद्रोदय रात 11:41 बजे।
- झज्जर: तारे शाम 6:02 बजे, चंद्रोदय रात 11:42 बजे।
- जींद: तारे शाम 6:03 बजे, चंद्रोदय रात 11:42 बजे।
- कैथल: तारे शाम 6:01 बजे, चंद्रोदय रात 11:39 बजे।
- करनाल: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- कुरुक्षेत्र: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:38 बजे।
- महेंद्रगढ़ (नारनौल): तारे शाम 6:04 बजे, चंद्रोदय रात 11:44 बजे।
- नूंह: तारे शाम 6:02 बजे, चंद्रोदय रात 11:42 बजे।
- पलवल: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:41 बजे।
- पंचकूला: तारे शाम 5:59 बजे, चंद्रोदय रात 11:37 बजे।
- पानीपत: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- रेवाड़ी: तारे शाम 6:03 बजे, चंद्रोदय रात 11:43 बजे।
- रोहतक: तारे शाम 6:02 बजे, चंद्रोदय रात 11:42 बजे।
- सिरसा: तारे शाम 6:07 बजे, चंद्रोदय रात 11:47 बजे।
- सोनीपत: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- यमुनानगर: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:37 बजे।
ये समय शहरों में शाम ढलने और आसमान में तारे नजर आने के अनुमान के आधार पर दिए गए हैं। हालांकि, अगर मौसम खराब है या आसमान में बादल छाए हैं, तो तारे दिखाई देने में थोड़ी देर हो सकती है। ऐसे में कुछ समय इंतजार करने के बाद ही अर्घ्य दें।
अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य देने की विधि
अहोई अष्टमी पर शाम को अहोई माता की पूजा और व्रत कथा सुनने के बाद तारों के निकलने का इंतजार किया जाता है। जैसे ही आसमान में तारे नजर आएं, एक लोटे में साफ पानी भर लें। चाहें तो अपनी घर की परंपरा के मुताबिक उसमें थोड़े अक्षत और फूल भी डाल सकते हैं। इसके बाद घर की छत, आंगन या किसी खुली जगह पर जाकर तारों की तरफ मुंह करके जल चढ़ाएं। इस दौरान मन ही मन अहोई माता को याद करें और अपने बच्चों की अच्छी सेहत, लंबी उम्र और तरक्की की प्रार्थना करें। कई घरों में बच्चे के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा भी निभाई जाती है। पूजा और अर्घ्य देने के बाद अहोई माता का प्रसाद ग्रहण करें और फिर परिवार के साथ भोजन करके व्रत का पारण करें।
