Happy Lohri 2023, Sunder Mundriye Story: क्यों मनाते हैं लोहड़ी? जानें दुल्ला भट्टी और सुंदरी, मुंदरी की कहानी

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jan 13, 2023, 01:08 PM IST

Dulla Bhatti Sunder Mundriye Lohri Story, Kahani: अगर ये न होते तो आज लोहड़ी भी न मनाई जा रही होती, जानें लोहड़ी से जुड़ी दुल्ला भट्टी और सुंदरी, मुंदरी की कहानी।

Lohri Festival Story: जब सूर्य उत्तरायण होता है तो मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से एक दिन पहले लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। किसी साल ये त्योहार 13 जनवरी को मनाया जाता है तो किसी साल 14 जनवरी को। साल 2023 में ये पर्व 14 जनवरी दिन शनिवार को मनाया जाएगा। लोहड़ी की रात को लोग एकत्र होकर आग जलाते हैं और लोहड़ी की अग्नि में खीर, मक्का, मूंगफली आदि चीजों की आहुति देते हैं। फिर लोग आग के चारों ओर घूमते हैं। ये पर्व लोग नाच-गाकर मनाते हैं। महिलाएं पारंपरिक नृत्य गिद्दा करती हैं। इस त्योहार को मनाने के पीछे भी एक लोक कथा प्रचलित है। जिसका जिक्र लोहड़ी के गीतों में भी मिलता है।

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Lohri 2023 Story: लोहड़ी पर सुनें दुल्ला भट्टी और सुंदरी, मुंदरी की कहानी

लोहड़ी से जुड़ी दुल्ला भट्टी और सुंदरी, मुंदरी की कहानी (Dulla Bhatti Or Sundari Mundari Lohri Story)

जब भी जिक्र होता है लोहड़ी का तो सबसे पहले लोगों के जहन में दुल्ला भट्टी की कहानी आती है। इतना ही नहीं लोहड़ी के गीतों में भी इस कहानी का जिक्र मिलता है या यूं कहें कि दुल्ला भट्टी की कहानी लोहड़ी पर जरूर सुनी जाती है लेकिन अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये दुल्ला भट्टी कौन थे? तो बता दें मुगल काल में दुल्ला भट्टी पंजाब में अकबर के समय के एक वीर योद्धा थे। दुल्ला भट्टी ने मुगलों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया था। उनका जन्म पंजाब क्षेत्र के एक राजपूत परिवार में हुआ था। दुल्ला भट्टी सभी पंजाबियों के नायक थे। अकबर के शासनकाल के दौरान गरीब और कमजोर लड़कियों को अमीर लोग गुलामी करने के लिए बलपूर्वक बेच देते थे। माना जाता है कि दुल्ला भट्टी ने पंजाब की लड़कियों की रक्षा की थी। बताया जाता है कि दुल्ला भट्टी ने लड़कियों को सौदागरों के चंगुल से छुड़ाकर उनकी शादी कराई थी। इसके बाद ही दुल्ला भट्टी को नायक की उपाधि से सम्मानित किया गया और हर साल लोहड़ी के दिन इनकी कहानी को सुना और सुनाया जाता है।

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