Guruwar Bhajan: भजन सुनने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इसके साथ ही भजनों के द्वारा भगवान की भक्ति में लीन हो सकते हैं। बहुत सारे लोग दिन के हिसाब से भजन सुनना ज्यादा पसंद करते हैं। सोमवार के दिन शिव जी के भजन सुनते हैं तो मंगलवार के दिन हनुमान जी के भजन सुनते हैं। तो वहीं गुरूवार के दिन भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति के भजन सुने जाते हैं। गुरूवार के दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा- अर्चना की जाती है। यहां हम आपके लिए लेकर आएं है गुरूवार के स्पेशल भजन।
सनातन धर्म में हर दिन किसी ना किसी देवता को समर्पित होता है। गुरूवार के दिन भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की पूजा करने से साधक को हर प्रकार की समस्या से छुटकारा मिलता है। इसके साथ कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत किया जा सकता है। इस दिन भगवान विष्णु के भजन सुनकर भक्ति में लीन हो सकते हैं।
Guruwar Bhajan Lyrics (गुरूवार भजन लिरिक्स)
हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान करें कल्याण,
जगत के तुम हो पालनहार करूँ मैं तुमको बारंबार,
हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान करें कल्याण,
जगत के तुम हो पालनहार करूँ मैं तुमको बारंबार,
नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....
तुम वेदों में उपदेश बने रामायण में संदेश बने,
रामायण में संदेश बने, रामायण में संदेश बने,
तुम तीन लोक के स्वामी हो अंतर क्या अंतर्यामी हो,
अंतर क्या अंतर्यामी हो, अंतर क्या अंतर्यामी हो,
विनती है तुमसे कि सबका करना तुम उद्धार,
तुम्हारे दशम् में दशम् अवतार करूँ मैं तुमको बारंबार,
नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते......
जो झुके तुम्हारे चरणन में, सुख भर ले अपने जीवन में,
सुख भर ले अपने जीवन में, सुख भर ले अपने जीवन में,
तुम पुण्य दान में रहते हो, तुम कथा ज्ञान में रहते हो,
तुम कथा ज्ञान में रहते हो, तुम कथा ज्ञान में रहते हो,
तुम से ही हर एक अर्चना होती है साकार,
तुम्हारा इस जग पे आभार करूं मैं तुमको बारंबार,
नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....
अमृत मंथन में रुप धरा, देवों में नव उत्साह भरा,
देवों में नव उत्साह भरा, देवों में नव उत्साह भरा,
तुम सृष्टि कार तुम पुण्य देव, तुम नारायण तुम सत्यमेव,
तुम नारायण तुम सत्यमेव, तुम नारायण तुम सत्यमेव,
सुख पावे वह प्राणी जो नित करता है सत्कार,
भगती की भक्ति का आधार करूं मैं तुमको बारंबार,
नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....
