Goga Navami 2026: गोगा नवमी पर क्यों पूजे जाते हैं जाहरवीर गोगाजी? जानिए इस दिन का धार्मिक महत्व और संपूर्ण पूजा विधि

Goga Navami 2026: आज गोगा नवमी का पर्व मनाया जा रहा है। भाद्रपद कृष्ण नवमी को समर्पित यह दिन गोगाजी महाराज की आराधना और नाग पूजन के लिए विशेष माना जाता है। जानिए पर्व का महत्व और पूजा विधि।

Goga Navami 2026: भारत के त्योहारों की खूबसूरती सिर्फ उनकी विविधता में नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी लोक आस्थाओं और परंपराओं में भी छिपी है। ऐसा ही एक अनोखा लोकपर्व है गोगा नवमी, जो खास तौर पर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व लोकदेवता गोगाजी महाराज को समर्पित है। इस दिन गोगाजी की पूजा के साथ नाग देवता की आराधना भी की जाती है। आइए जानते हैं इस पर्व का महत्व और पूजा विधि (Goga Navami Puja Vidhi)....

Goga Navami 2026

गोगा नवमी की पूजा विधि

कौन हैं गोगाजी महाराज?

लोक परंपरा में गोगाजी को जाहरवीर गोगा, जाहरपीर और गोगापीर जैसे नामों से जाना जाता है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार, गोगाजी को एक ऐसे योद्धा के रूप में माना जाता है, जिन्हें आध्यात्मिक शक्तियां प्राप्त थीं और उन्हें ‘God of Snakes’ यानी नागों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। गोगाजी की सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थली राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित गोगामेड़ी है। यहां स्थित मंदिर में घोड़े पर सवार गोगाजी का स्वरूप विशेष रूप से पूजनीय है। मंदिर की वास्तुकला में हिंदू और मुस्लिम शैलियों का मिश्रण भी दिखाई देता है और यहां अलग-अलग समुदायों के श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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