Gangaur Vrat Katha In Hindi: गणगौर व्रत की कथा हिंदी में, जानें क्यों पति से छुपाकर रखते हैं ये व्रत

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 24, 2023, 11:42 AM IST

Gangaur 2023 Vrat Katha In Hindi (गणगौर 2023 व्रत कथा): गणगौर व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इस पर्व को मुख्य रूप से राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा में मनाया जाता है। गणगौर को गौरी तृतीया (Gauri Tritiya) के नाम से भी जाना जाता है। जानिए गणगौर व्रत की पावन कथा हिंदी में यहां।

Gangaur 2023 Vrat Katha In Hindi: गणगौर व्रत शादीशुदा महिलाएं ही नहीं बल्कि कुंवारी कन्याओं द्वारा भी रखा जाता है। विवाहित स्त्रियां इस व्रत को अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं तो वहीं अविवाहित लड़कियां मनचाहे वर को पाने के लिए ये व्रत-पूजा करती हैं। इस पर्व को राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा में धूमधाम से मनाया जाता है। ये पर्व पूरे 16 दिनों तक चलता है और इसका आखिरी दिन सबसे खास माना जाता है। यहां आप जानेंगे गणगौर पर्व की पावन कथा।

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Gangaur Vrat Ki Kahani: गणगौर व्रत की कहानी

Gangaur ki Kahani (गणगौर व्रत की कहानी)

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव संग माता पार्वती वन में गए थे। चलते-चलते वे दोनों घनघोर वन में पहुंच गए। तब माता पार्वती ने भगवान शिव से कहा- हे भगवान! मुझे प्यास लगी है। इस पर भगवान शिव ने कहा- देवी देखों उस ओर आकाश में पक्षी उड़ रहे हैं, उस स्थान पर जल अवश्य मिल जाएगा।

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