भूकंप आने से पहले मिलते हैं ये खास संकेत, जानिए ग्रहण, अमावस्या और पूर्णिमा से क्या है इसका संबंध

Earthquake Prediction Astrology : भूकंप का आना आज भी रहस्यमयी प्राकृतिक आपदा है। मेदिनी ज्योतिष में कुछ ऐसे संकेत और ग्रहों की स्थिति बताई गई है, जो भूकंप आने से पहले मिलते हैं। आइए जानते हैं कि वे क्या हैं।

Earthquake Prediction Astrology : भूकंप आज भी दुनिया की सबसे रहस्यमयी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। आधुनिक विज्ञान ने भूकंप के कारणों को काफी हद तक समझ लिया है, लेकिन यह अब भी सटीक रूप से यह नहीं बता सकता कि भूकंप कब, कहां और कितनी तीव्रता के साथ आएगा। यही वजह है कि प्राचीन भारतीय मेदिनी ज्योतिष में कई ऐसे संकेत बताए गए है। जो यह बताते हैं कि भूकंप आने की संभावना है या नहीं। ज्यादातर देखा गया है कि ग्रहण, अमावस्या और पूर्णिमा के आसपास भूकंप आता है। आइए जानते हैं मेदिनी ज्योतिष इस पर क्या कहता है।

Earthquake Prediction Astrology   भूकंप से पहले मिलते हैं ये संकेत

भूकंप से पहले मिलते हैं ये संकेत

भूकंप के बारे में क्या कहता है विज्ञान ?

वैज्ञानिकों के अनुसार भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने से आते हैं। जब भूमिगत सतहों में हलचल होती है, गैसें और ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती हैं, तो प्लेटों पर दबाव बनता है और वे अचानक खिसक जाती हैं। इस दौरान दो तरह की तरंगें बनती हैं—प्राइमरी (P-wave) और सेकेंडरी (S-wave)। प्राइमरी तरंगें तेज होती हैं और लगभग 6-7 किमी प्रति सेकंड की गति से चलती हैं, जबकि सेकेंडरी तरंगें लगभग 3.5 किमी प्रति सेकंड की गति से चलती हैं। यही तरंगें चट्टानों को हिलाती हैं और भूकंप का असर महसूस होता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.5 तक हो तो आम व्यक्ति को पता भी नहीं चलता, जबकि 7 या उससे अधिक होने पर भारी तबाही मच सकती है>

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