Shakun Apshakun: जीवन में कई तरह की घटने घटती रहती हैं। कभी सुख आता है तो कभी दुख। इस जीवन चक्र में कई ऐसी घटनाएं होती हैं, जिसे शकुन शास्त्र में शकुन-अपशकुन से जोड़ कर देखा गया है। शकुन शास्त्र के अनुसार, कई ऐसेी घटनाएं होती हैं, जो लोगों को शुभ और अशुभ का संकेत देती हैं। अगर समय रहते इनकी पहचान कर ली जाए तो मुश्किल हालात से बचा जा सकता है। हिंदू धर्म में कौवे को यम का दूत माना गया है। मान्यता है कि, कौवा भविष्य में घटित होने वाली किसी बड़ी घटना का आभाष पहले ही दे देता है।आइए जानते हैं कौवे किस तरह से शकुन-अपशकुन संकेत देते हैं।
कौवे से जुड़े ये संकेत हैं शकुन-अपशकुन प्रतीक, देखकर ना करें नजरअंदाज
जानिए क्या होते हैं कौवे के शकुन-अपशकुन संकेत
- सुबह-सुबह अगर घर की छत या बालकनी पर आकर कोई कौवा बैठ जाए और कांव-कांव करता रहे तो इसे अच्छा संकेत माना जाता है। यह घर में किसी मेहमान के आगमन का संकेत होता है। कौवे को पानी पीते हुए देखना आपको जल्द धन लाभ दे सकता है।
- अगर कौवा मुंह में रोटी का टुकड़ा दबाकर उड़ता नजर आए तो यह आपकी किसी बड़ी इच्छा की पूर्ति का शुभ संकेत है। इसके अलावा, शकुन शास्त्र में दोपहर के समय घर के उत्तर दिशा में कौवे का बोलना भी शुभ संकेत माना ना जाता है।
- अगर कोई कौवा दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके बोले तो इसे अपशकुन माना जाता है। मान्यता है कि, इस संकेत से कौवा घर के किसी सदस्यके गंभीर बीमारी का संकेत देता है। साथ ही यह घर के किसी सदस्य के साथ होने वाले किसी हादसे का भी संकेत हो सकता है। एक साथ बहुत सारे कौवे का घर की छत पर बैठकर चिल्लाना भी बहुत अपशकुन होता है। यह परिवार पर आने वाले किसी बड़े संकट का संकेत होता है।
- अगर रास्ते में जाते समय कौआ आपके ऊपर बीट कर दे तो तुरंत वापस लौट आएं। क्योंकिी शकुन शास्त्र में इसे अपशकुन माना गया है। यह संकेत देता है कि आपका कार्य पूरा नहीं होगा और आप किसी कष्ट में पड़ सकते है। यह कष्ट शारीरिक या आर्थिक हो सकता है। वहीं, कौवे का सिर पर चोंच मारना भी अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे आप अचानक से किसी परेशानी में फंस सकते हैं। इसलिए आपको सावधान रहने की जरूरत है।
शकुन शास्त्र में कौवे से जुड़े कई संकेतों के बारे में विस्तार से बताया गया है। कौवे से मिलने वाले इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
