आज जरूर पढ़ें चित्रगुप्त पूजा की कथा, नहीं जाना पड़ेगा नरक, बढ़ेगी सुख और समृद्धि

Chitragupta Puja Katha in Hindi 2025 (चित्रगुप्त पूजा कथा): भगवान चित्रगुप्त के पास सभी के कर्मों का लेखा-जोखा रहता है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को उनकी पूजा की जाती है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन उनकी कथा को पढ़ता या सुनता है, उसे नर्क में यातनाएं नहीं सहनी पड़ती हैं। इसके साथ ही उन्हें करियर और कारोबार में तरक्की मिलती है। आइए जानते हैं कि चित्रगुप्त जी कथा क्या है?

Chitragupta Puja Katha in Hindi 2025: चित्रगुप्त पूजा हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। 2025 में यह पूजा 23 अक्टूबर को भाई दूज के साथ मनाई जा रही है। भगवान चित्रगुप्त यमराज के सहायक और सभी जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले देवता हैं। इस दिन उनकी पूजा की जाती है। खासकर कायस्थ समुदाय के लिए यह पूजा कुलदेवता की उपासना मानी जाती है। इस पूजा में कथा सुनने या पढ़ने के बिना पूजन पूरा नहीं होता है। इस कथा को पढ़ने या सुनने से कारोबार और व्यापार में तरक्की मिलती है। नौकरी में लाभ होता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को सक्सेस मिलती है। घर में धन और संपदा आती है। व्यक्ति को आगे नरक की यातनाएं नहीं भोगनी पड़ती हैं।

चित्रगुप्त पूजा की कथा

चित्रगुप्त पूजा की कथा

क्या है चित्रगुप्त की उत्पत्ति की कथा

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