Chandra Vrishchik Rashi Gochar 23 July 2026: वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति, माता, सुख, निर्णय क्षमता और दैनिक जीवन का कारक माना जाता है। 23 जुलाई 2026 की शाम 7 बजे चंद्रमा ने तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में गोचर कर लिया है। वृश्चिक राशि चंद्रमा की नीच राशि मानी जाती है। इसलिए इस गोचर के दौरान चंद्रमा अपनी स्वाभाविक शक्ति को पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पाते। इसका प्रभाव व्यक्ति के मन, भावनाओं, निर्णय क्षमता, पारिवारिक जीवन और कार्यशैली पर दिखाई दे सकता है।
वृश्चिक राशि में पहुंचे चंद्रमा
गोचर के समय सूर्य और गुरु कर्क राशि में, बुध मिथुन राशि में, मंगल वृषभ राशि में, शुक्र और केतु सिंह राशि में, राहु कुंभ राशि में तथा शनि मीन राशि में स्थित हैं। ऐसे में चंद्रमा का नीच राशि में प्रवेश कुछ राशियों के लिए मानसिक अस्थिरता, भावनात्मक उलझन और कार्यों में बाधा का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस गोचर के दौरान सबसे अधिक सावधान रहने की आवश्यकता होगी।
वृश्चिक में चंद्रमा क्यों देतें हैं अशुभ फल
वृश्चिक एक जल तत्व की गूढ़ और रहस्यमयी राशि है, जिसके स्वामी मंगल हैं। चंद्रमा को यहां नीच का माना जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति छोटी-छोटी बातों को लेकर अधिक संवेदनशील हो सकता है, मन में शंका, असुरक्षा, भय और भावनात्मक उतार-चढ़ाव बढ़ सकते हैं। निर्णय लेने में भ्रम, रिश्तों में गलतफहमियां और मानसिक तनाव की स्थिति भी बन सकती है। इस कारण इस गोचर के दौरान धैर्य और संयम बनाए रखना सबसे आवश्यक माना जाता है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए चंद्रमा सप्तम भाव में नीच होकर गोचर करेंगे। इसका प्रभाव दांपत्य जीवन, साझेदारी और व्यावसायिक संबंधों पर दिखाई दे सकता है। जीवनसाथी के साथ छोटी-सी बात पर मतभेद बढ़ने की संभावना रहेगी। व्यापार में साझेदारों के साथ पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक होगा।
उपाय- शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें, सफेद चंदन का तिलक लगाएं और जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें।
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए सामान्य से अधिक प्रभावशाली रहेगा। चंद्रमा पंचम भाव में नीच होने से संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध और निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी होगी। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से नुकसान हो सकता है। स्टूडेंट्स को एकाग्रता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना होगा।
उपाय- भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें, किसी जरूरतमंद बच्चे को सफेद मिठाई का दान करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए चंद्रमा चतुर्थ भाव में नीच होकर गोचर करेंगे। इससे घरेलू जीवन, मानसिक शांति और माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है। यदि संपत्ति, वाहन या घर से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना हो तो पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही करें। कार्यस्थल का तनाव घर तक न आने दें, अन्यथा पारिवारिक वातावरण प्रभावित हो सकता है।
उपाय- प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें, शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें और माता का सम्मान करें।
वृश्चिक राशि
सबसे अधिक प्रभाव स्वयं वृश्चिक राशि के जातकों पर पड़ सकता है, क्योंकि चंद्रमा आपकी ही राशि में नीच अवस्था में रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी, मानसिक बेचैनी और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बन सकती है। नौकरी और व्यवसाय में छोटी-सी गलती भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। जीवनसाथी या परिवार के सदस्यों के साथ संवाद में भी सावधानी रखनी होगी।
उपाय- इस दौरान प्रतिदिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें, 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें और दूध या चावल का दान करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर दशम भाव को प्रभावित करेगा। करियर और व्यवसाय में अतिरिक्त दबाव महसूस हो सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचारों का मतभेद होने की संभावना रहेगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही आपकी छवि को प्रभावित कर सकती है। नौकरी बदलने या बड़ा निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें।
उपाय- शनिदेव और भगवान शिव की आराधना करें, काले तिल का दान करें और क्रोध में कोई निर्णय न लें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
