Chandra Gochar 2026 : 26 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर चंद्रमा ने वृश्चिक राशि में प्रवेश कर लिया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृश्चिक राशि मंगल की राशि मानी जाती है और इस राशि में चंद्रमा नीच के होते हैं। चंद्रमा मन, भावनाओं, सोच, निर्णय लेने की क्षमता, माता और मानसिक स्थिति के कारक ग्रह माने जाते हैं। ऐसे में चंद्रमा के नीच राशि में आने से कुछ राशियों को मानसिक तनाव, भावनात्मक उतार-चढ़ाव और कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
चंद्रमा के गोचर का इन राशियों पर होगा असर
चंद्रमा वृश्चिक राशि (Moon Transit) में रहने के दौरान व्यक्ति के मन में बेचैनी, अधिक सोच-विचार और छोटी बातों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। हालांकि यह प्रभाव सभी राशियों पर समान नहीं रहेगा। कुछ राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं कि वे कौन सी राशियां जिनको इन ढाई दिनों में नुकसान हो सकता है।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए चंद्रमा का वृश्चिक राशि में गोचर आठवें भाव में होगा। आठवां भाव अचानक होने वाली घटनाओं, मानसिक तनाव और गुप्त परेशानियों से जुड़ा माना जाता है। इस दौरान अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। किसी पुराने विवाद या चिंता के कारण मन परेशान हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
उपाय: भगवान शिव का अभिषेक करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
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कर्क राशि
कर्क राशि का स्वामी स्वयं चंद्रमा है। ऐसे में चंद्रमा का नीच राशि में जाना कर्क राशि वालों के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रह सकता है। इस दौरान भावनाएं अधिक प्रभावी हो सकती हैं और छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ सकता है। परिवार से जुड़ी किसी बात को लेकर मन परेशान रह सकता है। जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें।
उपाय: सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करें और सफेद वस्तुओं का दान करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए चंद्रमा का यह गोचर चौथे भाव को प्रभावित करेगा। चौथा भाव सुख, माता, घर और मानसिक शांति का माना जाता है। इस दौरान घर-परिवार से जुड़ी कुछ परेशानियां सामने आ सकती हैं। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मन में असंतोष या बेचैनी बढ़ सकती है।
उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
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तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर दूसरे भाव में होगा। यह भाव धन, वाणी और परिवार से जुड़ा होता है। इस समय बोलचाल में सावधानी रखने की जरूरत है। कठोर शब्द रिश्तों में तनाव पैदा कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें।
उपाय: माता लक्ष्मी की पूजा करें और जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन का दान करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि में ही चंद्रमा का गोचर हो रहा है और इसी राशि में चंद्रमा नीच के होते हैं। इस कारण वृश्चिक राशि वालों को इस समय सबसे ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है। मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य, नींद और मानसिक शांति पर ध्यान दें। किसी भी निर्णय को भावनाओं में आकर लेने से बचें।
उपाय: भगवान शिव की आराधना करें। रुद्राभिषेक करना लाभकारी रहेगा।
